Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

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श्री-गुरु-चरण-पद्म, केवल-भकति-सद्म, बन्दो मुइ सावधान मते जाहार प्रसादे भाइ, ए भव तोरिया जाइ, कृष्ण-प्राप्ति होय् जाहा ह'ते
अर्थ

श्री गुरु के चरण-कमल शुद्ध भक्ति के धाम हैं। मैं पूरी सावधानी और श्रद्धा से उन्हें प्रणाम करता हूँ। हे भाइयों, उनकी ही कृपा से हम इस भवसागर को पार कर सकते हैं और कृष्ण को प्राप्त कर सकते हैं।

गुरु-मुख-पद्म-वाक्य, चित्तेते कोरिया ऐक्य, आर् ना कोरिहो मने आशा श्री-गुरु-चरणे रति, एइ से उत्तम-गति, जे प्रसादे पूरे सर्व आशा
अर्थ

गुरु के कमल-मुख से निकले वचनों को अपने हृदय से एक कर लो, और मन में इसके अतिरिक्त कोई और इच्छा मत रखो। श्री गुरु के चरणों में अनुराग ही परम गति है, जिनकी कृपा से सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।

चखु-दान् दिलो जेइ, जन्मे जन्मे प्रभु सेइ, दिव्य-ज्ञान् हृदे प्रोकाशितो प्रेम-भक्ति जाहा होइते, अविद्या विनाश जाते, वेदे गाय् जाहार चरितो
अर्थ

जिन्होंने मुझे दिव्य दृष्टि का यह उपहार दिया, वे ही जन्म-जन्म मेरे स्वामी हैं। उनकी कृपा से हृदय में दिव्य ज्ञान प्रकट होता है, प्रेम-भक्ति उदय होती है और अविद्या का नाश होता है। वेदशास्त्र भी उनके चरित्र का गान करते हैं।

श्री-गुरु करुणा-सिन्धु, अधम जनार बन्धु, लोकनाथ् लोकेर जीवन हा हा प्रभु कोरो दोया, देहो मोरे पद-छाया, एबे जश घुषुक् त्रिभुवन
अर्थ

हे श्री गुरु, हे करुणा के सागर, हे पतितों के बंधु! हे लोकनाथ, हे सबके जीवन! हा हा प्रभु, कृपा करो, मुझे अपने चरणों की छाया दो। अब तुम्हारा यश तीनों लोकों में फैले।

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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।