श्री राधाकुण्ड प्रणाम
जैसे श्री राधा भगवान् विष्णु को प्रिय हैं, वैसे ही उनका कुण्ड भी उन्हें प्रिय है। सब गोपियों में केवल वे ही भगवान् की सबसे अधिक प्यारी हैं।
श्रीकृष्ण की सब प्रियतमाओं में भी श्री राधा उनके प्रेम का सबसे ऊँचा आश्रय हैं। मुनियों ने उनके कुण्ड को भी हर प्रकार से वैसा ही प्रिय बताया है। जो प्रेम उनके सबसे प्यारे भक्तों को भी आसानी से नहीं मिलता, साधारण भक्तों की तो बात ही क्या, वही प्रेम यह सरोवर एक बार स्नान करने वाले के हृदय में भी प्रकट कर देता है।
इस भजन के बारे में
- ग्रन्थ
- प्रणाम मन्त्र
- भाव
- पद
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