Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

सुन्दरि पश्य मिलति वनमाली

सुन्दरि पश्य मिलति वन-माली दिवसे परिणतिम् उपगच्छति सति नव-नव-विभ्रम-शाली
अर्थ

हे सुंदरी, देखो, वनमाली आ रहे हैं; दिन ढलते समय वे सदा नए और मनोहर हाव-भाव दिखाते हैं।

तरुणी-लोचन-ताप-विमोचन-हास-सुधाङ्कुर-धारी मन्द-मरुच्-चल-पिञ्छ-कृतोज्ज्वल-मौलिर् उदार-विहारी
अर्थ

उनकी मुस्कान अमृत के अंकुरों के समान है जो युवतियों के नेत्रों की जलन को शांत कर देती है; मंद पवन में लहराता मयूर-पंख उनके मुकुट को दीप्तिमान बनाता है, और वे उदारतापूर्वक विचरण करते हैं।

धेनु-खुरोद्धुत-रेणु-परिप्लुत-फुल्ल-सरोरुह-दामा अचिर-विकस्वर-लसद्-इन्दीवर-मण्डल-सुन्दर-धामा
अर्थ

उनकी खिले कमलों की माला गायों के खुरों से उठी धूल से भरी है; उनकी कान्ति नवप्रस्फुटित, चमकते नील कमलों के समूह के समान सुन्दर है।

कल-मुरली-रुति-कृत-तावक-रतिर् अत्र दृग्-अन्त-तरङ्गी चारु-सनातन-तनुर् अनुरञ्जन-कारी सुहृद्-गण-सङ्गी
अर्थ

उनकी बाँसुरी की मधुर ध्वनि ने यहाँ पहले ही तुम्हारा हृदय उनसे बाँध दिया है, उनकी तिरछी दृष्टि लहर के समान हिलोरें लेती है; उनका सुन्दर रूप सनातन है; वे सबको आनन्द देते हैं और अपने सखाओं के संग आ रहे हैं।

इस भजन के बारे में

पद
4