Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

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उदिलो अरुण पूरब-भागे, द्विज-मणि गोरा अमनि जागे, भकत-समूह लोइया साथे, गेला नगर-ब्राजे
अर्थ

पूर्व दिशा में लाल आभा उदय हुई और द्विजों के रत्न गौरसुंदर तुरंत जाग उठे। भक्तों के समूह को साथ लेकर वे नदिया के गाँवों और नगरों में निकल पड़े।

'ताथई ताथई बाजलो खोल्, घन घन ताहे झाजेर रोल्, प्रेमे ढल ढल सोणार अङ्ग, चरणे नूपुर बाजे
अर्थ

"ताथई ताथई" की ध्वनि से मृदंग बज उठे, और उनके साथ ताल में झाँझ झनकने लगी। प्रेम में गौरांग का सोने-सा शरीर हल्के-हल्के काँप रहा है, और चरणों में नूपुर बज रहे हैं।

मुकुन्द माधव यादव हरि, बोलेन बोलो रे वदन भोरि', मिछे निद-बशे गेलो रे राति, दिवस शरीर-साजे
अर्थ

गौरहरि लोगों को पुकारकर कहते हैं, "मुकुन्द, माधव, यादव, हरि", ये नाम अपराध छोड़कर मुँह भरकर बोलो। तुमने रातें व्यर्थ नींद में और दिन शरीर सजाने में बिता दिए।

एमन दुर्लभ मानव-देहो, पाइया कि कोरो भाव ना केहो, एबे ना भजिले यशोदा-सुत, चरमे पोरिबे लाजे
अर्थ

इतना दुर्लभ मानव-शरीर पाकर भी तुम क्या कर रहे हो, इस पर सोचते क्यों नहीं? यदि अभी यशोदा के दुलारे का भजन नहीं करोगे, तो अन्त समय में तुम्हें लज्जित होना पड़ेगा।

उदित तपन होइले अस्त, दिन गेलो बोलि' होइबे ब्यस्त, तबे केनो एबे अलस होय्, ना भज हृदोय-राजे
अर्थ

सूरज हर दिन उगकर अस्त हो जाता है, और हर बार एक दिन बीतकर खो जाता है। फिर तुम अभी आलस्य में क्यों पड़े हो? हृदय के राजा का भजन क्यों नहीं करते?

जीवन अनित्य जानह सार्, ताहे नाना-विध विपद-भार्, नामाश्रय कोरि' जतने तुमि, थाकह आपन काजे
अर्थ

यह जान लो कि जीवन नश्वर है और उसमें अनेक प्रकार की विपत्तियाँ भरी हैं। इसलिए नाम की शरण लेकर, यत्नपूर्वक इसी को अपना कार्य बना लो।

जीवेर कल्यान-साधन-काम्, जगते आसि' ए मधुर नाम्, अविद्या-तिमिर-तपन-रूपे, हृद्-गगने बिराजे
अर्थ

जीवों के कल्याण की कामना से यह मधुर नाम इस जगत में उतरा है, और अविद्या के अंधकार को दूर करने वाले सूर्य के रूप में हृदय के आकाश में विराजमान है।

कृष्ण-नाम-सुधा कोरिया पान्, जुराओ भकतिविनोद-प्राण्, नाम बिना किछु नाहिको आरो, चौद्द-भुवन-माझे
अर्थ

कृष्ण-नाम का यह अमृत पान करो, और भक्तिविनोद के प्राणों को शांति दो। इन चौदह लोकों में नाम के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है।

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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, हरे कृष्ण मन्दिर, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।