अङ्ग श्यामलिम छटाभिर्
AI-निर्मित अनुवाद — समीक्षा लंबित
आइए, हम दामोदर का ध्यान करें। उनके श्याम अंगों की छटा चारों ओर नीलकमल की शोभा को भी फीका कर देती है। उनके रेशमी पीताम्बर की शोभा सोने की चमक को भी लजा देती है। वे वृन्दावन में विहार करते हैं, उनके वक्ष पर झूलती माला उन्हें सजाती और सुगन्धित करती है, और उन्होंने अपनी उज्ज्वल भुजा राधा के कन्धे पर रखी है।