Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

देव हरे भव कारुण्य शाली

देव हरे भव कारुण्य-शाली सा तव निशित-कटाक्ष-शराहत-हृदया जीवति कृश-तनुर् आली
अर्थ

हे प्रभु हरि, करुणा करो। मेरी उस सखी का हृदय तुम्हारे तीखे कटाक्ष-बाण से बिंधा है, उसका शरीर दुबला हो गया है, फिर भी वह किसी तरह जीवित है।

अनधिगताकस्मिक-गद-करणम् अर्पित-मन्त्रौषधि-निकुरम्बम् अविरत-रुदित-विलोहित-लोचनम् अनुशोचति ताम् अखिल-कुटुम्बम्
अर्थ

उसकी अचानक हुई बीमारी का कारण कोई नहीं जान पाया, यद्यपि मंत्रों और औषधियों के ढेर लगा दिए गए। उसका पूरा परिवार उसके लिए शोक कर रहा है, निरंतर रोने से सबकी आँखें लाल हो गई हैं।

हृदि वलद्-अविरल-सञ्ज्वर-पटली-स्फुटद्-उज्ज्वल-मौक्तिक-समुदाया शीतल-भूतल-निश्चल-तनुर् इयम् अवसीदति सम्प्रति निरुपाया
अर्थ

उसके हृदय में उठते घने, तीव्र ज्वर से वक्ष पर पड़े चमकते मोती चटक रहे हैं, उसका शरीर ठंडी भूमि पर निश्चल पड़ा है, अब वह बिना किसी उपाय के असहाय होकर डूबती जा रही है।

गोष्ठ-जनाभय-सत्त्र-महा-व्रत-दीक्षित भवतो माधव बाला कथम् अर्हति तां हन्त सनातन विषम-दशां गुण-वृन्द-विशाला
अर्थ

हे माधव, तुम जो गोकुलवासियों को निर्भयता प्रदान करने वाले उस महायज्ञ के व्रत में दीक्षित हो, हाय, हे सनातन, इतने गुणों से भरी तुम्हारी यह बालिका ऐसी भयंकर दशा भोगने की भला कैसे पात्र हो सकती है?

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पद
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