Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

दोयाल् निताइ चैतन्य

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दोयाल् निताइ चैतन्य बोले नाच रे आमार मन नाच रे आमार मन नाच रे आमार मन
अर्थ

"दयाल निताई चैतन्य" कहते हुए नाच रे मेरे मन! नाच रे मेरे मन, नाच रे मेरे मन!

(एमोन् दोयाल् तो नाइ हे मार खेये प्रेम देय) (ओरे) अपराध दूरे जाबे पा'बे प्रेम-धन (ओ नामे अपराध-बिचार तो नाइ हे) (तखोन्) कृष्ण-नामे रुचि ह'बे घुचिबे बन्धन
अर्थ

(ऐसा दयालु और कोई नहीं है, मार खाकर भी वे प्रेम देते हैं।) (हे मन,) तेरे अपराध दूर हो जाएँगे, तुझे प्रेम का धन मिलेगा। (उनके नाम में अपराध का कोई विचार नहीं है।) (तब) कृष्ण-नाम में रुचि जगेगी, तेरा बंधन कट जाएगा।

(कृष्ण-नामे अनुराग तो ह'बे हे) (तखोन) अनायासे स-फल ह'बे जीबेर जीबन (कृष्ण-रति बिना जीबन तो मिछे हे) (शेषे) बृन्दाबने राधा-श्यामेर पा'बे दरशन (गौर-कृपा ह'ले हे)
अर्थ

(हे मन, कृष्ण-नाम में तेरा अनुराग होगा।) (तब) जीव का जीवन सहज ही सफल हो जाएगा। (हे मन, कृष्ण-प्रेम के बिना जीवन व्यर्थ है।) (अंत में) तू वृंदावन में राधा-श्याम का दर्शन पाएगा। (यह तब होगा जब गौर की कृपा होगी।)

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।