नदीया गोद्रुमे नित्यानन्द महाजन
नदीया-गोद्रुमे नित्यानन्द महाजन
पवित्र नाम की महिमा, शक्ति और मधुरता का गान करने वाले भजन।
27 भजन
नदीया-गोद्रुमे नित्यानन्द महाजन
बोलो हरि बोलो (3 तिमेस्)
दोयाल् निताइ चैतन्य बोले नाच रे आमार मन
हरि बोलो हरि बोलो हरि बोलो भाइ रे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
निताइ कि नाम एनेछे रे
ओहे हरि-नाम तब महिमा अपार
बिश्वे उदित नाम-तपन
हरि-नाम तुया अनेक स्वरूप
अङ्ग-उपङ्ग-अस्त्र-पार्षद-सङ्गे
एक्-बार् भाबो मने
एलो रे गौराङ्गचान्द प्रेमे एलोथेलो
कलि-युग-पाबन बिश्वम्भर
कृष्ण गोबिन्द हरे
कृष्ण-नाम धरे कोतो बल्
जगन्नाथ-सुत महाप्रभु बिश्वम्भर
जय गोद्रुम-पति गोरा
जय जय हरि-नाम चिद्-आनन्दामृत-धाम
जय जशोदा-नन्दन कृष्ण गोपाल गोबिन्द
जशोमती-स्तन्य-पायी श्री-नन्द-नन्दन
ज्ञानी ज्ञान-जोगे कोरिया जतने
बाच्य ओ बाचक दुइ स्वरूप तोमार
राधा-बल्लभ माधब श्री-पति मुकुन्द
राधा-बल्लभ राधा-बिनोद
श्री-कृष्ण-चैतन्य अद्वैत प्रभु नित्यानन्द
श्री-रूप-बदने श्री-सचि-कुमार
(हरे) हरये नमः कृष्ण जादबाय नमः