जय जशोदा नन्दन कृष्ण गोपाल गोबिन्द
हे यशोदा के पुत्र (यशोदा-नन्दन), हे सबको आकर्षित करने वाले प्रभु (कृष्ण), हे गौओं की रक्षा करने वाले (गोपाल), हे गौओं, भूमि और इन्द्रियों को सुख देने वाले (गोविन्द), आपकी जय हो! हे कामदेव को भी मोहित करने वाले प्रभु (मदन-मोहन), हे सब अमंगल को दूर करने वाले (हरि), हे असीम प्रभु (अनन्त), हे मुक्ति देने वाले (मुकुन्द), आपकी जय हो!
हे कभी न चूकने वाले प्रभु (अच्युत), हे लक्ष्मी के पति (माधव), हे सर्वोच्च भोक्ता (राम), हे वृन्दावन के चन्द्रमा (वृन्दावन-चन्द्र), आपकी जय हो! हे मुरली बजाने वाले (मुरली-वदन), हे श्यामसुन्दर (श्याम), हे गोपियों को आनन्द देने वाले (गोपी-जनानन्द), आपकी जय हो!