नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
कलि युग पाबन बिश्वम्भर
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अक्षर
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गाते समय
कलि-युग-पाबन बिश्वम्भर
गौड-चित्त-गगन शशधर
अर्थ
चैतन्य महाप्रभु कलियुग के पावनकर्ता (कलियुग-पावन) हैं, विश्व के पालक (विश्वम्भर) हैं, और गौड़ प्रदेश के लोगों के हृदय-आकाश के चन्द्रमा (गौड़-चित्त-गगन-शशधर) हैं...
कीर्तन-बिधाता पर-प्रेम-दाता
शची-सुत पुरट-सुन्दर
अर्थ
...संकीर्तन के मूल प्रवर्तक (कीर्तन-विधाता), दिव्य प्रेम के दाता (पर-प्रेम-दाता), शची के पुत्र (शची-सुत), और सुवर्ण-सुंदर (पुरट-सुन्दर) हैं।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- भक्तिविनोद ठाकुर · जीवनी पढ़ें
- ग्रन्थ
- गीतावली
- भाव
- पद
- 2