नाना द्रव्य आयोजन
तरह-तरह की सामग्री जुटाकर और सजाकर, सबको निमन्त्रण देकर प्रार्थना है कि कृपा करके आप सब पधारें।
आप सब भगवान् के वैष्णव भक्त हैं, इसलिए मेरी यह विनम्र प्रार्थना है कि अपनी कृपा-दृष्टि से इस उत्सव को पूर्ण करें।
इस प्रकार विनम्र प्रार्थना करके, भगवान् के सब महान् और समर्थ भक्तों (महन्तों) को बुलाकर भगवान् के पवित्र नामों के संकीर्तन के अधिवास नामक उद्घाटन-उत्सव में सम्मिलित किया गया।
बड़े ही सौभाग्य से ऐसे वैष्णवों की सभा का संग मिलता है, इसलिए कल हमारे यहाँ बड़ा महोत्सव होगा।
वहाँ आप सब श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं का आस्वादन करेंगे और आप सबकी सब अभिलाषाएँ पूर्ण होंगी।
इस प्रकार वृन्दावन दास चन्द्रमा के समान श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु और उनके सब भक्तों के गुण विनम्रता से गाते हैं।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- वृन्दावन दास ठाकुर · जीवनी पढ़ें
- पद
- 6
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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।