Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

ऋतु राजार्पित तोष तरङ्गम्

ऋतु-राजार्पित-तोष-तरङ्गम् राधे भज वृन्दावन-रङ्गम्
अर्थ

हे राधे, वृन्दावन की उस उत्सवमयी रंगभूमि का आनन्द लो, जो ऋतुराज वसंत द्वारा अर्पित आनंद की लहरों से भरी है।

मलयानिल-गुरु-शिक्षित-लास्या नटति लता-ततिर् उज्ज्वल-हास्या
अर्थ

मलय पर्वत की सुगंधित मंद वायु से नृत्य सीखकर, फूलों से लदी लताओं की पंक्तियाँ झूम रही हैं, मानो खिलती हँसी से दीप्तिमान।

पिक-ततिर् इह वादयति मृदङ्गम् पश्यति तरु-कुलम् अङ्कुरद्-अङ्गम्
अर्थ

यहाँ कोयलों के झुंड मानो मृदंग बजाते हैं, और नई कोंपलों से भरे अंगों वाला वृक्षों का समूह यह सब देखता है।

गायति भृङ्ग-घटाद्भुत-शीला मम वंशीव सनातन-लीला
अर्थ

भ्रमरों के आश्चर्यजनक झुंड गुंजन का गीत गा रहे हैं, मानो मेरी ही बाँसुरी इस नित्य लीला को बजा रही हो।

इस भजन के बारे में

पद
4