Nandgram Dham
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र्तु रजर्पित तोस तरन्गम्

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AI-निर्मित अनुवाद — समीक्षा लंबित

र्तु-रजर्पित-तोस-तरन्गम् रधे भज व्र्न्दवन-रन्गम्
अर्थ

हे राधे, वृन्दावन की उस आनंदमयी लीला की उपासना करो, जो ऋतुराज वसंत द्वारा अर्पित आनंद की लहरों से भरी है।

मलयनिल-गुरु-सिक्सित-लस्य नतति लत-ततिर् उज्ज्वल-हस्य
अर्थ

मलय पर्वत की सुगंधित मंद वायु से नृत्य सीखकर, फूलों से लदी लताओं की पंक्तियाँ झूम रही हैं, मानो खिलती हँसी से दीप्तिमान।

पिक-ततिर् इह वद्यति म्र्दन्गम् पस्यति तरु-कुलम् अन्कुरद्-अन्गम्
अर्थ

यहाँ कोयलों के झुंड मृदंग की ध्वनि के समान गूँजते हैं, और वृक्षों के अंगों में नई कोंपलें फूटती दिखाई देती हैं।

गयति भ्र्न्ग-घतद्भुत-सिल मम वम्सिव सनतन-लिल
अर्थ

भ्रमरों के आश्चर्यजनक झुंड गुंजन का गीत गा रहे हैं, मानो मेरी ही बाँसुरी इस नित्य लीला को बजा रही हो।