Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
शत-कोटि गोपी माधब-मन राखिते नारिलो कोरि' जतन
अर्थ

सैकड़ों करोड़ों गोपियाँ यत्नपूर्वक प्रयास करके भी माधव के हृदय को शान्त नहीं रख पाईं।

बेणु-गीते डाके राधिका-नाम एस एस राधे डाकोये श्याम
अर्थ

अपनी बांसुरी के गीत में श्याम राधिका का नाम पुकारते हैं: 'आओ राधे, आओ राधे' कहकर श्याम बुलाते हैं।

भङ्गिया श्री-रास- मण्डल तबे राधा-अन्बेषणे चलये जबे
अर्थ

तब श्री रास-मण्डल को तोड़कर श्रीकृष्ण राधा की खोज में चल पड़ते हैं।

देखा दिया राधे राखोह प्राण बोलिया कान्दये कानने कान
अर्थ

'राधे! मुझे अपने दर्शन दो, मेरे प्राण बचा लो', यों कहते हुए श्रीकृष्ण वन में रोते हैं।

निर्जन कानने राधारे धरि' मिलिया परण जुराय हरि
अर्थ

एकान्त वन में राधा को पाकर श्रीकृष्ण उनका आलिंगन करते हैं। उस मिलन से श्रीकृष्ण के व्याकुल प्राण शीतल हो जाते हैं।

बोले तुँहु बिना काहार रास तुँहु लागि' मोर बरज-बास
अर्थ

श्रीकृष्ण कहते हैं: 'तुम्हारे बिना रास-नृत्य कैसे हो सकता है? मैं व्रज में केवल तुम्हारे लिए ही रहता हूँ।'

ए हेनो राधिका- चरण-तोले भकतिबिनोद कान्दिया बोले
अर्थ

श्री राधा के चरणों में इस प्रकार खड़े होकर भक्तिविनोद रोते हुए कहते हैं:

तुया गण-माझे आमारे गणि किङ्कोरी कोरिया राखो आपनि
अर्थ

'मुझे अपने परिकर में गिनकर, अपनी दासी बनाकर मुझे अपने पास रख लीजिए।'