- पद 4भजनताहि फिरतो – कोतो कोतोहि मनोरथ,
दैवको गति नाहि जान
किङ्किणी जाले पड़ोलो याब संशय,
गोविन्द दास रस गान
“गोविन्द” के परिणाम
219 भजन · 261 पद भजन के शब्दों में
1 पद भजन में
1 पद भजन में
- पद 6भजनअभकत चौर, दूरहि भागि रोहु,
नियरे नाहि परकाश
दीन हीन जने, देयलो भकति धने,
वञ्चित गोविन्द दास
28 पद भजन में
7
- पद 1भजनईश्वरः परमः कृष्णः
सच्-चिद्-आनन्द-विग्रहः
अनादिर् आदिर् गोविन्दः
सर्व-कारण-कारणम् - पद 2भजनचिन्तामणि-प्रकर-सद्मसु कल्प-वृक्ष
लक्षावृतेषु सुरभीर् अभिपालयन्तम्
लक्ष्मी-सहस्र-शत-सम्भ्रम-सेव्यमानं
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि
इस भजन में 26 और मिलान दिखाएँ
- पद 3भजनवेणुं क्वणन्तम् अरविन्द-दलायताक्षम्
बर्हावतंसम् असिताम्बुद-सुन्दराङ्गम्
कन्दर्प-कोटि-कमनीय-विशेष-शोभं
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 4भजनआलोल-चन्द्रक-लसद्-वनमाल्य-वंशी
रत्नाङ्गदं प्रणय-केलि-कला-विलासम्
श्यामं त्रि-भङ्ग-ललितं नियत-प्रकाशं
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 5भजनअङ्गानि यस्य सकलेन्द्रिय-वृत्ति-मन्ति
पश्यन्ति पान्ति कलयन्ति चिरं जगन्ति
आनन्द-चिन्मय-सद्-उज्ज्वल-विग्रहस्य
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 6भजनअद्वैतम् अच्युतम् अनादिम् अनन्त-रूपम्
आद्यं पुराण-पुरुषं नव-यौवनं च
वेदेषु दुर्लभम् अदुर्लभम् आत्म-भक्तौ
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 7भजनपन्थास् तु कोटि-शत-वत्सर-सम्प्रगम्यो
वायोर् अथापि मनसो मुनि-पुङ्गवानाम्
सो 'प्य् अस्ति यत्-प्रपद-सीम्न्य् अविचिन्त्य-तत्त्वे
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 8भजनएको 'प्य् असौ रचयितुं जगद्-अण्ड-कोटिं
यच्-छक्तिर् अस्ति जगद्-अण्ड-चया यद्-अन्तः
अण्डान्तर-स्थ-परमाणु-चयान्तर-स्थम्
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 9भजनयद्-भाव-भावित-धियो मनुजास् तथैव
सम्प्राप्य रूप-महिमासन-यान-भूषाः
सूक्तैर् यम् एव निगम-प्रथितैः स्तुवन्ति
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 10भजनआनन्द-चिन्मय-रस-प्रतिभाविताभिस्
ताभिर् य एव निज-रूपतया कलाभिः
गोलोक एव निवसत्य् अखिलात्म-भूतो
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 11भजनप्रेमाञ्जन-च्छुरित-भक्ति-विलोचनेन
सन्तः सदैव हृदयेषु विलोकयन्ति
यं श्यामसुन्दरम् अचिन्त्य-गुण-स्वरूपं
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि - पद 12भजनरामादि-मूर्तिषु कला-नियमेन तिष्ठन्
नानावतारम् अकरोद् भुवनेषु किन्तु
कृष्णः स्वयं समभवत् परमः पुमान् यो
गोविन्दम् आदि-पुरुषं तम् अहं भजामि
71 पद भजन में
2
- पद 1भजनअग्रे कुरूणाम् अथ पाण्डवानां
दुःशासनेनाहृत-वस्त्र-केशा
कृष्णा तदाक्रोशद् अनन्य-नाथा
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 2भजनश्री कृष्ण विष्णो मधु-कैटभारे
भक्तानुकम्पिन् भगवन् मुरारे
त्रायस्व मां केशव लोकनाथ
गोविन्द दामोदर माधवेति
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- पद 3भजनविक्रेतुकामा किल गोप-कन्या
मुरारि-पादार्पित-चित्त-वृत्तिः
दध्यादिकं मोहवशाद् अवोचद्
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 4भजनउलूखले सम्भृत-तन्डुलांश् च
सङ्घट्टयन्त्यो मुसलैः प्रमुग्धाः
गायन्ति गोप्यो जनितानुरागा
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 5भजनकाचित् कराम्भोज् अ-पुटे निषण्णं
क्रीडा-शुकं किंशुक-रक्त-तुण्डम्
अध्यापयाम् आस सरोरुहाक्षी
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 6भजनगृहे गृहे गोप-वधू-समूहः
प्रति-क्षणं पिञ्जर-सारिकानाम्
स्खलद्-गिरं वाचयितुं प्रवृत्तो
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 7भजनपर्य्यङ्किकाभाजम् अलम् कुमारं
प्रस्वापयन्त्यो 'खिल-गोप-कन्याः
जगुः प्रबन्धं स्वर-ताल-बन्धं
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 8भजनरामानुजं वीक्षण-केलि-लोलंगोपि
ग्еहीत्वा नव-नीत-गोलम्
आबालकं बालकम् आजुहाव
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 9भजनविचित्र-वर्णाभरणाभिरामे
-भिधेहि वक्त्राम्बुज-राजःअंसे
सदा मदीये रसने 'ग्र-रङ्गे
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 10भजनअङ्काधिरूढं शिशु-गोप-गूढं
स्तनं धयन्तं कमलैक-कान्तम्
सम्बोधयाम् आस मुदा यशोदा
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 11भजनक्रीडन्तम् अन्तर्-व्रजम् आत्मनं स्वं
समं वयस्यैः पशु-पाल-बालैः
प्रेम्णा यशोदा प्रजुहाव कृष्णं
गोविन्द दामोदर माधवेति - पद 12भजनयशोदया गाढम् उलूखलेन
गो-कण्ठ-पाशेन निबध्यमनम्
रुरोद मन्दं नवनीत-भोजी
गोविन्द दामोदर माधवेति
9 पद भजन में
2
- पद 1भजनसत्यं ज्ञानमनन्तं नित्यमनाकाशं परमाकाशं
गोष्ठप्राङ्गणरिङ्खणलोलमनायासं परमायासम्
मायाकल्पितनानाकारमनाकारं भुवनाकारं
क्ष्माया नाथमनाथं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 2भजनमृत्स्नामत्सीहेति यशोदाताडनशैशव सन्त्रासं
व्यादितवक्त्रालोकितलोकालोकचतुर्दशलोकालिम्
लोकत्रयपुरमूलस्तम्भं लोकालोकमनालोकं
लोकेशं परमेशं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम्
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- पद 3भजनत्रैविष्टपरिपुवीरघ्नं क्षितिभारघ्नं भवरोगघ्नं
कैवल्यं नवनीताहारमनाहारं भुवनाहारम्
वैमल्यस्फुटचेतोवृत्तिविशेषाभासमनाभासं
शैवं केवलशान्तं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 4भजनगोपालं प्रभुलीलाविग्रहगोपालं कुलगोपालं
गोपीखेलनगोवर्धनधृतिलीलालालितगोपालम्
गोभिर्निगदित गोविन्दस्फुटनामानं बहुनामानं
गोपीगोचरपथिकं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 5भजनगोपीमण्डलगोष्ठिभेदं भेदावस्थमभेदाभं
शश्वद्गोखुरनिर्घूतोद्धतधूलीधूसरसौभाग्यम्
श्रद्धाभक्तिगृहीतानन्दमचिन्त्यं चिन्तितसद्भावं
चिन्तामणिमहिमानं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 6भजनस्नानव्याकुलयोषिद्वस्त्रमुपादायागमुपारूढं
व्यादित्सन्तिरथ दिग्वस्त्रा ह्युपदातुमुपाकर्षन्तम्
निर्धूतद्वयशोकविमोहं बुद्धं बुद्धेरन्तस्थं
सत्तामात्रशरीरं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 7भजनकान्तं कारणकारणमादिमनादिं कालमनाभासं
कालिन्दीगतकालियशिरसि मुहुर्नृत्यन्तं नृत्यन्तम्
कालं कालकलातीतं कलिताशेषं कलिदोषघ्नं
कालत्रयगतिहेतुं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 8भजनवृन्दावनभुवि वृन्दारकगणवृन्दाराध्यं वन्दे’हं
कुन्दाभामलमन्दस्मेरसुधानन्दं सुहृदानन्दम्
वन्द्याशेषमहामुनिमानसवन्द्यानन्दपदद्वन्द्वं
वन्द्याशेषगुणाब्धिं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् - पद 9भजनगोविन्दाष्टकमेतदधीते गोविन्दार्पित चेता यो
गोविन्दाच्युत माधव विष्णो गोकुलनायक कृष्णेति
गोविन्दाङ्घ्रिसरोजध्यानसुधाजलधौतसमस्ताघो
गोविन्दं परमानन्दामृतमन्तःस्थं स तमभ्येति
7 पद भजन में
- पद 1भजनहरये नमः कृष्ण यादवाय नमः
गोपाल गोविन्द राम श्री मधुसूदन - पद 3भजनगोविन्द जय जय गोपाल जय जय
राधा रमण हरि गोविन्द जय जय
इस भजन में 5 और मिलान दिखाएँ
- पद 4भजनजय गोविन्द जय गोपाल
केशव माधव दीन दोयाल
श्यामसुन्दर कन्हैया लाल
गिरिवर धारी नन्द दुलाल - पद 5भजनअच्युत केशव श्रीधर माधव गोपाल गोविन्द हरि
यमुना पुलिन में, वंशी बजावे, नटवर वेश धारी - पद 8भजनकृष्णाय वासुदेवाय
देवकी नन्दनाय च
नन्द गोप कुमाराय
गोविन्दाय नमो नमः - पद 9भजनहे कृष्ण गोविन्द हरे मुरारि
हे नाथ नारायण वासुदेव - पद 11भजनहरि हरि हरिबोल, हरि हरि हरि बोल
मुकुन्द माधव गोविन्द बोल
6 पद भजन में
- पद 8भजनस्नेहलाभीर-राजेन्द्र-वत्सलाच्युत-पूर्वजा
गोविन्द-प्रणयाधार-सुरभि-सेवनोत्सुका - पद 37भजनगोविन्दाधर-पीयूष-वासिताधर-पल्लवा
सुधा-सञ्चय-चारूक्ति-शीतली-कृत-माधवा
इस भजन में 4 और मिलान दिखाएँ
- पद 38भजनगोविन्दोद्गीर्ण-ताम्बूल-राग-रज्यत्-कपोलिका
कृष्ण-सम्भोग-सफली-कृत-मन्मथ-सम्भवा - पद 39भजनगोविन्द-मार्जितोद्दाम-रति-प्रस्विन्न-सन्-मुखा
विशाखा-वीजित-क्रीडा-श्रान्ति-निद्रालु-विग्रहा - पद 40भजनगोविन्द-चरण-न्यस्त-काय-मानस-जीवना
स्व-प्राणार्बुद-निर्मञ्छ्य-हरि-पाद-रजः-कणा - पद 41भजनअणु-मात्राच्युतादर्श-शप्यमानात्म-लोचना
नित्य-नूतन-गोविन्द-वक्त्र-शुभ्रांशु-दर्शना
5 पद भजन में
5 पद भजन में
3 पद भजन में
4
- पद 23भजननाथे धातरि भोगि-भोग-शयने नारायणे माधवे
देवे देवकि-नन्दने सुर-वरे चक्रायुधे शार्ङ्गिणि
लीलाशेष-जगत्-प्रपञ्च-जठरे विश्वेश्वरे श्रीधरे
गोविन्दे कुरु चित्त-वृत्तिम् अचलाम् अन्यैस् तु किं वर्तनैः - पद 29भजनअनन्त वैकुण्ठ मुकुन्द कृष्ण
गोविन्द दामोदर माधवेति
वक्तुं समर्थो 'पि न वक्ति कश्चिद्
अहो जनानां व्यसनाभिमुख्यम्
इस भजन में 1 और मिलान दिखाएँ
- पद 39भजनत्यजन्तु बान्धवाः सर्वे
निन्दन्तु गुरवो जनाः
तथापि परमानन्दो
गोविन्दो मम जीवनम्
3 पद भजन में
3
- पद 1भजनगोविन्द हरि गोपाल हरि
गोविन्द हरि गोपाल हरि
जय जय देव हरि
जय जय देव हरि - पद 4भजनगोविन्द हरि गोपाल हरि
गोविन्द हरि गोपाल हरि
जय जय देव हरि
जय जय देव हरि
इस भजन में 1 और मिलान दिखाएँ
- पद 6भजनगोविन्द हरि गोपाल हरि
गोविन्द हरि गोपाल हरि
जय जय देव हरि
जय जय देव हरि
4 पद भजन में
2 पद भजन में
8
3 पद भजन में
- पद 4भजनविषय गरल-मय, ता'ते मानो सुख-चय,
सेइ सुख दुःख कोरि मानो
गोविन्द विषय रस, सङ्ग कोरो तार दास,
प्रेम भक्ति सत्य कोरि जानो - पद 5भजनमध्ये मध्ये आछे दुष्ट, दृष्टि कोरि होय रुष्ट
गुण विगुण कोरि माने
गोविन्द विमुख जन, स्फूर्ति नहे हेनो धन
लौकिक कोरिया सब जाने
इस भजन में 1 और मिलान दिखाएँ
- पद 7भजनआर सब परिहरि, परम ईश्वर हरि,
सेवो मन! प्रेम कोरि आश
एक व्रज राज पुरे, गोविन्द रसिक वरे
कोरोह सदाइ अभिलाष
1 पद भजन में
13
- पद 5भजन…राधा-भाव-कान्ति लोये ब्रज हो'ते नदीयारे
सेइ तो' एसेछे
ए-बार् गोविन्द गौराङ्ग हो'ये सेइ तो' एसेछे
गोविन्द गौराङ्ग हो'ये सेइ तो' एसेछे
1 पद भजन में
13
- पद 3भजनश्री-गौराङ्ग-गुणानुवर्णन-विधौ श्रद्धा-समृद्ध्य्-अन्वितौ
पापोत्ताप-निकृन्तनौ तनु-भृतां गोविन्द-गानामृतैः
आनन्दाम्बुधि-वर्धनैक-निपुणौ कैवल्य-निस्तारकौ
वन्दे रूप-सनातनौ रघु-युगौ श्री-जीव-गोपालकौ
1 पद भजन में
11
- पद 2भजनगोपाल गोविन्द राम श्री-मधुसूदन
गिरिधारी गोपीनाथ मदन-मोहन
1 पद भजन में
9
- पद 3भजनयशोदा दुलाल, गोविन्द-गोपाल,
वृन्दावन पुरन्दर
गोपी-प्रिय-जन, राधिका-रमण,
भुवन -सुन्दर-बर
1 पद भजन में
7
- पद 5भजनतोमार हृदोये सदा गोविन्द-विश्राम्
गोविन्द कोहेन-मोर वैष्णव पराण्
1 पद भजन में
6
- पद 7भजनयुगायितं निमेषेण
चक्षुषा प्रावृषायितम्
शून्यायितं जगत् सर्वं
गोविन्द-विरहेण मे