'गौराङ्ग' बोलिते हबे
'गौराङ्ग' बोलिते हबे पुलक-शरीर
श्रीमान राधेश्याम प्रभु (01) की 9 रिकॉर्डिंग। ऑडियो इस्कॉन डिज़ायर ट्री के सौजन्य से चलता है।
9 भजन
'गौराङ्ग' बोलिते हबे पुलक-शरीर
कलि-कुक्कुर्-कदन् जदि चाओ (हे)
गाय् गोरा मधुर् स्वरे
गोपीनाथ मम निबेदन शुनो
गौराङ्ग तुमि मोरे दया ना छाडिह
जय जय जगन्नाथ शचीर नन्दन्
उथाल् देउ आसिछे छुटिया
नव गौर-वरं नव-पुष्प-शरं
यदि गौर ना होइतो, तबे कि होइतो,