Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

विलसति दोलोपरि वनमाली

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AI-निर्मित अनुवाद — समीक्षा लंबित

विलसति दोलोपरि वन-माली तरल-सरोरुह-शिरसि यथाली
अर्थ

वनमाला पहने भगवान् झूले पर क्रीड़ा कर रहे हैं, मानो काँपते, डोलते कमल के शीर्ष पर कोई भौंरा बैठा हो।

निपतति परितो वन्दन-पाली तं दोलयति मुदा सुहृद्-आली
अर्थ

उनके चारों ओर शुभचिन्तकों की पंक्तियाँ झुककर प्रणाम कर रही हैं, और उनके आनन्दित मित्र उन्हें धीरे-धीरे आगे-पीछे झुला रहे हैं।

जनयति गोपी-जन-करताली कापि पुरो नृत्यति पशुपाली
अर्थ

वे गोपियों से तालियाँ बजवाते हैं, और एक ग्वालिन उनके सामने नाच रही है।

अयम् आरण्यक-मण्डन-शाली जयति सनातन-रस-परिपाली
अर्थ

उनकी जय हो, जो साक्षात् वन के आभूषण हैं, दिव्य रस के सनातन पालक हैं!