Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

अग्रे एक निबेदन कोरि मधुनिसूदन

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हरि हे अग्रे एक निबेदन कोरि मधुनिसूदन शुनो कृपा कोरिया आमाय निरर्थक कथा नोय निगूढार्थ-मोय होय हृदोया होइते बहिराय
अर्थ

हे कृष्ण! मैं आपके समक्ष एक प्रार्थना रखता हूँ। कृपा करके सुनिए। मेरे ये शब्द व्यर्थ नहीं हैं, इनमें गहरा अर्थ छिपा है। ये हृदय से निकले हैं।

अति अप्रकृष्ट आमि परम दोयालु तुमि तब दोया मोर अधिकार जे जत पतित होय तब दोया तत ताय त'ते आमि सु-पात्र दोयार
अर्थ

मैं अत्यन्त पतित हूँ, और आप परम दयालु हैं। इसलिए मैं आपकी कृपा का अधिकारी हूँ। जो व्यक्ति जितना अधिक पतित होता है, आपकी कृपा उसके लिए उतनी ही अधिक होती है। इसलिए मैं आपकी कृपा का सर्वथा योग्य पात्र हूँ।

मोरे जोदि उपेखिबे दोया-पात्रे कोथा पाबे दोयामोय नामटि घुचा'बे ए भक्तिबिनोद कोय दोया कोरो दोयामोय जश-कीर्ति चिरो-दिन पा'बे
अर्थ

यदि आप मुझे त्याग देंगे, तो अपनी कृपा के लिए ऐसा पात्र आपको कहाँ मिलेगा? तब आपका नाम 'दयामय' मिट जाएगा। भक्तिविनोद कहते हैं, हे दयामय! कृपा कीजिए। तभी आपकी 'दयालु भगवान्' की कीर्ति सदा-सर्वदा बनी रहेगी।