Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

बान्धिलो माया जे दिन हो'ते

बान्धिलो माया जे दिन हो'ते अबिद्या-मोह-डोरे अनेक जन्म लभिनु आमि फिरिनु माया-घोरे
अर्थ

"जिस दिन से माया ने मुझे अविद्या और मोह की रस्सियों से बाँध लिया, तभी से मैं अनेक जन्म लेकर माया के इस बन्दीगृह में भटकता रहा।

देब दानब मानब पशु पतङ्ग कीट हो'ये स्वर्गे नरके भू-तले फिरि अनित्य आशा लो'ये
अर्थ

"मैं देवता, दानव, मनुष्य, पशु, पक्षी, कीट और कृमि बनकर स्वर्ग, पृथ्वी और नरक में भटकता रहा, और सदा नाशवान वस्तुओं की आशा में लगा रहा।

ना जानि किबा सुकृति-बले श्रीबास-सुत होइनु नदीया-धामे चरण तब दरश-परश कोइनु
अर्थ

"मैं नहीं जानता किस पुण्य के प्रभाव से मुझे पवित्र नदिया में श्रीवास का पुत्र बनने का सौभाग्य मिला और मैं आपके चरणों के दर्शन व स्पर्श कर सका।

सकल बारे मरण-काले अनेक दुःख पाइ तुया प्रशङ्गे परम सुखे ए बार च'ले जाइ
अर्थ

"हर बार मृत्यु के समय मैंने बड़ा कष्ट भोगा है, परन्तु इस बार आपके स्पर्श से परम सुख के साथ मैं जा रहा हूँ।

इच्छाय तोर जनम जदि आबार होय होरि चरणे तब प्रेम-भकति थाके मिनति कोरि
अर्थ

"हे हरि! यदि आपकी इच्छा से मुझे फिर जन्म लेना पड़े, तो मेरी यही प्रार्थना है कि आपके चरणों में मेरा प्रेम और भक्ति बनी रहे।"

जखन शिशु निरब भेलो देखिया प्रभुर लीला श्रीबास-गोष्ठि त्यजिया शोक आनन्द-मगण भेल
अर्थ

तब बालक फिर चुप हो गया। महाप्रभु की यह लीला देखकर श्रीवास के परिवार के लोग शोक छोड़कर आनन्द में डूब गए।

गौर-चरित अमृत-धारा कोरिते कोरिते पान भक्तिबिनोद श्रीबासे मागे जाय जेन मोर प्राण
अर्थ

भक्तिविनोद श्रीवास से यही प्रार्थना करते हैं: चैतन्य महाप्रभु की लीला की इस अमृत-धारा को बार-बार पीते हुए ही मेरा यह जीवन बीत जाए।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
गीतमाला
पद
7