Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

बिषय बासना रूप चित्तेर बिकार

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टेक्स्ट
बिषय-बासना-रूप चित्तेर बिकार आमार हृदोये भोग का'रे अनिबार
अर्थ

विषय वासना के रूप में यह चित्त का विकार मेरे हृदय में भोग की इच्छा को निरंतर बनाए रखता है।

जे कोत जतन आमि कोरिलम हाय न गेलो बिकार बुझि शेषे प्राण जाय
अर्थ

हाय! मैंने कितने ही प्रयास किए, परंतु यह विकार दूर नहीं हुआ। मुझे लगता है कि अंत में इसी में मेरे प्राण निकल जाएँगे।

ए घोर बिकार मोरे कोरिलो अस्थिर शान्ति ना पाइलो स्थान अन्तर अधीर
अर्थ

इस भयानक विकार ने मुझे अस्थिर कर दिया है। मुझे कहीं शांति नहीं मिली, मेरा हृदय भीतर से व्याकुल है।

श्री-रूप-गोस्वामी मोरे कृपा बितरिया उद्धारिबे कबे जुक्त-बैराग्य अर्पिया
अर्थ

श्री रूप गोस्वामी कब मुझ पर कृपा करके, युक्त वैराग्य प्रदान करके, मेरा उद्धार करेंगे?

कबे सनातन मोरे छारद्ये बिषोय नित्यानन्दे सामार्पिबे हैया सदोया
अर्थ

श्री सनातन गोस्वामी कब मुझे विषय भोग से विरक्त करेंगे, और कृपापूर्वक मुझे श्री नित्यानंद प्रभु के चरणों में समर्पित करेंगे?

श्री-जीब-गोश्वामी कबे सिद्धान्त-सलिले निबाइबे तर्कानल चित्त जाहे ज्वले
अर्थ

श्री जीव गोस्वामी कब सिद्धांत के जल से मेरे हृदय में जलती हुई तर्क की अग्नि को बुझा देंगे?

श्री-चैतन्य-नाम सुने उदिबे पुलक राधा-कृष्णामृत-पाने हैबो अशोक
अर्थ

श्री चैतन्य के नाम को सुनकर कब मेरे रोमांच उठेंगे? राधा-कृष्ण के अमृत का पान करके कब मैं शोक मुक्त हो जाऊँगा?

काङ्गालेर सु-काङ्गाल दुर्जन ए जन बैष्णब-चरणाश्रोय जाचे अकिञ्चन
अर्थ

भिखारियों में भी सबसे दीन, यह दुष्ट जन, अकिंचन होकर वैष्णवों के चरणों की शरण की भिक्षा माँगता है।