Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

हरि हरि! हेन दिन हैबे आमार

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टेक्स्ट
हरि हरि! हेन दिन हैबे आमार दुँहू अङ्ग परशिब दुँहु अङ्ग निरखिब सेवन करिब दोँहाकार
अर्थ

हे हरि! हे हरि! ऐसा दिन मेरा कब होगा, जब मैं राधा-कृष्ण दोनों के चरण-कमलों का दर्शन करूँगा, उन्हें स्पर्श करूँगा, और दोनों की सेवा करूँगा?

ललिता-विशाखा-सङ्गे सेवन करिब रङ्गे माला गँथि' दिब नाना फूले कनक-सम्पूट करि कर्पूर ताम्बूल भरि योगैब अधर-जुगले
अर्थ

कब मैं ललिता-विशाखा के साथ आनंद से दोनों की सेवा करूँगा, और तरह-तरह के फूलों की माला गूँथकर दूँगा? कब सोने की डिबिया में कपूर और पान भरकर, दोनों के अधरों पर रखूँगा?

राधा-कृष्ण श्रि-चरण सेइ मोर प्राण-धन सेइ मोर जीवन-उपाय जय पतित-पावन देह मोरे एइ धन तूया-विने अन्य नाहि भाय
अर्थ

राधा-कृष्ण और वृन्दावन धाम ही मेरे जीवन की सच्ची निधि हैं, वही मेरे जीवन का आधार हैं। हे पतितपावन! मुझे यह निधि दो, तुम्हारे बिना और कोई मुझे नहीं सुहाता।

श्री-गुरु करुणा-सिन्धु अधम-जनार बन्धु लोकनाथ लोकेर जीवन हा हा प्रभू! कर दय देह मोरे पद-छाया नरोत्तम लैल शरण
अर्थ

हे श्री गुरु, हे कृपा के सागर, हे पतितजनों के बन्धु, हे लोकनाथ, हे सबके जीवन! हा प्रभु! मुझ पर दया करो, अपने चरणों की छाया मुझे दो। नरोत्तम दास आपकी शरण में आया है।