Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

कबे कृष्ण धन पाब

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कबे कृष्ण-धन पाब हियार माझारे थोब जुडाइब तापित-पराण साजाइया दिब हिया बसाइब प्राण-प्रिया निरखिब से चन्द्र-बयान
अर्थ

कब मैं कृष्ण-धन को पाऊँगी, उसे अपने हृदय के बीच रखूँगी, और अपने तपते प्राणों को शीतल करूँगी? कब मैं अपना हृदय सजाकर उसमें अपने प्राणप्रिय को बिठाऊँगी, और उनका चन्द्रमुख निहारूँगी?

हे सजनि ! कबे मोर हैबे सु-दिन से प्राण-नाथेर सङ्गे कबे वा फिरिब रङ्गे सुखमय जमुना-पुलिन
अर्थ

हे सखी! मेरा वह शुभ दिन कब आएगा? कब मैं अपने प्राणनाथ के संग आनन्दपूर्वक यमुना के सुखद तट पर लौटूँगी?

ललिता विशाखा लञा ताँहारे भेटिब गिया साजाइया नाना उपहार सदय हैया बिधि मिलाइबे गुण-निधिहेन भाग्य हैबे आमार
अर्थ

कब मैं ललिता और विशाखा को साथ लेकर, तरह-तरह के उपहार सजाकर, उनसे मिलने जाऊँगी? कब विधाता दया करके मुझे उन गुणों के सागर कृष्ण से मिलाएँगे? कब मेरा ऐसा सौभाग्य होगा?

दारुण बिधिर नाट भाङ्गिल प्रेमेर हाट तिल-मात्र ना राखिल ता’र कहे नरोत्तम दास कि मोर जिवने आश छाडि गेल ब्रजेन्द्र-कुमार
अर्थ

क्रूर विधि के खेल ने प्रेम का यह बाज़ार उजाड़ दिया, उसमें तिल-मात्र भी शेष नहीं रहा। नरोत्तम दास कहते हैं, मेरे जीवन में अब कैसी आशा बचे? व्रजेन्द्र-कुमार मुझे छोड़कर चले गए।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।