Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

केनो आर कोरो द्वेष बिदेषि जन भजने

केनो आर कोरो द्वेष बिदेषि-जन-भजने भजनेर लिङ्ग नाना नाना देशे नाना जने
अर्थ

तुम विदेशी लोगों के भजन के ढंग से क्यों घृणा करते हो? अलग-अलग देशों में अलग-अलग लोगों के भजन के ढंग अलग-अलग होते हैं।

केहो मुक्त-कच्छे भजे केहो हाटु गार्डि' पूजे केहो ब नयन मुदि' थाके ब्रह्म-अराधाने
अर्थ

कुछ लोग बौद्धों की तरह भजन करते हैं। कुछ घुटने टेककर पूजा करते हैं। कुछ आँखें बन्द करके निर्विशेष ब्रह्म की उपासना में लगे रहते हैं।

केह जोगासने पूजे केहो सङ्कीर्तन मजे सकल भजिछे सेइ एक-मात्रो कृष्ण-धने
अर्थ

कुछ योगासन में बैठकर पूजा करते हैं। कुछ संकीर्तन में डूब जाते हैं। सब उसी एक भगवान की, उसी एक धन-रूप कृष्ण की उपासना करते हैं।

अत एब भ्रातृ-भाबे थाको सबे सु-सद्-भाबे हरि-भक्ति साधो सदा ए जीबने बा मरणे
अर्थ

इसलिए सभी आपस में भाई के समान रहें। सभी जीवन भर और मृत्यु के समय भी बड़े प्रेम से हरि-भक्ति करते रहें।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
गीतावली
पद
4