केनो आर कोरो द्वेष बिदेषि जन भजने
तुम विदेशी लोगों के भजन के ढंग से क्यों घृणा करते हो? अलग-अलग देशों में अलग-अलग लोगों के भजन के ढंग अलग-अलग होते हैं।
कुछ लोग बौद्धों की तरह भजन करते हैं। कुछ घुटने टेककर पूजा करते हैं। कुछ आँखें बन्द करके निर्विशेष ब्रह्म की उपासना में लगे रहते हैं।
कुछ योगासन में बैठकर पूजा करते हैं। कुछ संकीर्तन में डूब जाते हैं। सब उसी एक भगवान की, उसी एक धन-रूप कृष्ण की उपासना करते हैं।
इसलिए सभी आपस में भाई के समान रहें। सभी जीवन भर और मृत्यु के समय भी बड़े प्रेम से हरि-भक्ति करते रहें।