Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

कृष्ण भक्ति बिना कभु नाहि फलोदोय

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टेक्स्ट
कृष्ण-भक्ति बिना कभु नाहि फलोदोय मिछे सब धर्माधर्म जीबेर उपाधिमोय
अर्थ

कृष्ण-भक्ति के बिना जीवन का कोई फल नहीं मिलता। पुण्य और पाप, दोनों केवल मिथ्या हैं। ये आत्मा पर चढ़ाई गई कृत्रिम उपाधियाँ मात्र हैं।

जोग-जाग-तपो-ध्यान सन्न्यासादि ब्रह्म-ज्ञान नाना-खण्द-रूपे जीबेर बन्धन-कारण होय
अर्थ

जब योग, यज्ञ, तप, ध्यान, संन्यास आदि केवल निर्विशेष ब्रह्म-ज्ञान पाने के लिए किए जाते हैं, तो ये आत्मा को बाँधने वाली अनेक बेड़ियाँ ही बन जाते हैं।

बिनोदेर बाक्य धरो नाना काण्ड त्याग कोरो निरुपाधि कृष्ण-प्रेमे हृदोये देहो आश्रोय
अर्थ

भक्तिविनोद के वचन ग्रहण करो। इन सब विधियों को छोड़ दो। अपने हृदय में उस शुद्ध कृष्ण-प्रेम की शरण लो, जो इस संसार की कृत्रिम उपाधियों से परे है।