मधुर मधुर गौर किशोर, मधुर मधुर नाट
मधुर, अति मधुर हैं गौरकिशोर। मधुर, अति मधुर है उनका नृत्य। मधुर, अति मधुर हैं उनके सब साथी। मधुर, अति मधुर है उनका हाट।
मधुर, अति मधुर है उनके मृदंग बजाने की ध्वनि। मधुर, अति मधुर हैं उनकी तानें। उनके भक्त मधुर प्रेमरस में मतवाले हैं। मधुर, अति मधुर है उनका गान।
मधुर है उनका साथी का सहारा लेकर झुकना। मधुर है उनका इधर से उधर झूलना। मधुर, अति मधुर है उनकी चाल। मधुर हैं उनके वचन। मधुर है उनकी सुन्दरता। मधुर, अति मधुर है उनकी दीप्तिमय शोभा।
मधुर हैं उनके अधर, जो चन्द्रमा को भी जीत लेते हैं। मधुर, अति मधुर है उनकी हँसी। मधुर है उनकी आरती। मधुर है उनका प्रेम। मधुर, अति मधुर है उनका बोलना।
मधुर हैं उनके लाल नेत्र। मधुर हैं उनके संकेत और इशारे। मधुर है उनकी मधुर प्रेम की वर्षा। शेखर राय को उस वर्षा का कोई अनुभव नहीं है। वह उससे वंचित रह गया।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- शेखर दास
- पद
- 5