Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

सुन्दर सुन्दर गौराङ्ग सुन्दर, सुन्दर सुन्दर रूप

सुन्दर सुन्दर गौराङ्ग सुन्दर, सुन्दर सुन्दर रूप सुन्दर पिरीति राज्येर ये-मति सुघड सुन्दर भूप
अर्थ

सुन्दर, अति सुन्दर हैं प्रभु गौरांगसुन्दर। सुन्दर, अति सुन्दर है उनका रूप। वे सुन्दर प्रेम-राज्य के सुन्दर राजा हैं।

सुन्दर बदने सुन्दर हासनि, सुन्दर सुन्दर शोभा सुन्दर नयाने सुन्दर चाहनि, सुन्दर मानस लोभा
अर्थ

सुन्दर है उनका मुख। सुन्दर हैं उनकी मुस्कान और हँसी। सुन्दर, अति सुन्दर है उनकी शोभा। सुन्दर हैं उनके नेत्र। सुन्दर हैं उनकी चितवन। सुन्दर हैं उनके हृदय की दिव्य लालसाएँ।

सुन्दर नासाते सुन्दर तिलक, सुन्दर देखिते अति सुन्दर श्रबँए सुन्दर कुन्तल, सुन्दर ताहार ज्योति
अर्थ

सुन्दर है उनकी नासिका। सुन्दर है उनका तिलक। वे देखने में अत्यन्त सुन्दर हैं। सुन्दर हैं उनके कान। सुन्दर हैं उनके केश। सुन्दर है उनकी दीप्ति।

सुन्दर मस्तके सुन्दर कुन्तल, सुन्दर मेघेर पारा सुन्दर गीमेते सुन्दर दोलये, सुन्दर कुसुम-हारा
अर्थ

सुन्दर है उनका मस्तक। सुन्दर हैं उनके केश। वे सुन्दर बादल के समान हैं। सुन्दर है फूलों की वह माला जिसे वे अपने सुन्दर गले पर सुन्दरता से इधर से उधर झुलाते हैं।

सुन्दर नदीया-नगरे बिहार, सुन्दर चैतन्य-चान्द सुन्दर लीलार सौन्दर्य ना बुझे, शेखर जनम आन्ध
अर्थ

सुन्दर हैं प्रभु चैतन्यचन्द्र, जो सुन्दर नदिया नगर में लीला करते हैं। जन्म से अन्धा शेखर राय उनकी सुन्दर लीलाओं की शोभा को नहीं समझता।

इस भजन के बारे में

रचयिता
शेखर दास
पद
5