Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

नदीया उदयगिरि पूर्णचन्द्र गौरहरि

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टेक्स्ट
नदीया-उदयगिरि, पूर्णचन्द्र गौरहरि, कृपा करि’ हइल उदय पाप-तमः हैल नाश, त्रि-जगतेर उल्लास, जगभरि’ हरि-ध्वनि हय
अर्थ

कृपा करके पूर्णचन्द्र श्री गौरहरि नदिया रूपी उदयगिरि पर उदित हुए। पाप का अन्धकार नष्ट हो गया, तीनों लोक आनन्द से भर गए और सारा जगत हरि-ध्वनि से गूँज उठा।

सेइ-काले निजालय, उठिया अद्वैत राय, नृत्य करे आनन्दित-मने हरिदासे लञा सङ्गे, हुङ्कार-कीर्तन-रङ्गे केने नाचे, केह नाहि जाने
अर्थ

उसी समय श्री अद्वैत प्रभु अपने घर में उठकर आनन्द-भरे मन से नाचने लगे। हरिदास ठाकुर को साथ लेकर वे हुङ्कार करते हुए कीर्तन करने लगे। वे क्यों नाच रहे थे, यह कोई नहीं जानता था।