Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

नदीयार घाटे भा इ कि अद्भुत तरि

नदीयार घाटे भा-इ कि अद्भुत तरि निता-इ गलु-इया ताते चैतन्य काण्डारी
अर्थ

हे मेरे भाइयो, नदिया के घाट पर एक अद्भुत नाव है। उस नाव के पिछले भाग पर भगवान् निताई खड़े हैं, और नाव के कप्तान भगवान् चैतन्य भी वहीं हैं।

दु-इ रघुनाथ श्री-जीब गोपाल श्री-रूप सनातन पारेर नौकाय \एर दाण्डि छय-जन
अर्थ

उस नाव में श्री रूप, श्री सनातन, श्री जीव, श्री गोपाल और दोनों श्री रघुनाथ, ये छह डाँड़ चलाने वाले हैं।

के याबि भा-इ भब-पारे बलि नित-इ डाके खेयार कडि बिना पार करे याके ताके
अर्थ

भगवान् निताई ऊँचे स्वर में पुकारते हैं, “हे मेरे भाइयो, तुममें से कौन जन्म और मृत्यु के सागर को पार करेगा? एक पैसा भी दिए बिना तुम हमारी नाव से उस पार जा सकते हो।”

आतरे कातर बिना के पार करे भ-इ किन्तु पार करे सभे चैतन्य निता-इ
अर्थ

“थोड़ा-सा इत्र चुकाने का कष्ट उठाए बिना भी, हे मेरे भाइयो, कौन उस दूर के किनारे तक पार जाएगा? चैतन्य और निताई सबको पार ले जाएँगे।”

कृष्ण-दास बले भा-इ बल हरि हरि निता-इ चैतन्येर घाटे नाहि लागे कडि
अर्थ

कृष्ण दास कहता है: हे मेरे भाइयो, “हरि! हरि!” बोलो। चैतन्य और निताई के घाट पर तुम्हें एक पैसा भी नहीं देना पड़ता।

इस भजन के बारे में

रचयिता
कृष्ण दास
पद
5