Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

दण्डवत् 88

मथुरा-जन-सम्वीक्ष्य रजकांषुक-याचक दुर्मुखाक्षेप-सण्क्रुद्ध रण्ग-कारअ-षिरो-हर
अर्थ

हे भगवान कृष्ण, मथुरा के निवासी इस प्रकार तल्लीन हो गए...

निज-प्रियाम्बर-द्वन्द्व परिधन-विभूषित अभीष्ट-वस्त्र-सम्हृष्ट राम-गोपालि-संयुत
अर्थ

हे भगवान कृष्ण, तब आपने धोबी के संग्रह में से चुने हुए दो सुन्दर वस्त्र पहनकर स्वयं को भली-भाँति सजाया। भगवान बलराम और ग्वाल-बालों ने भी अपनी पसन्द के वस्त्र ले लिए और वे आनन्द से भर उठे।

प्रसीद वायकोन्नीत चैलेयाकल्प-भूषित नाना-लक्षण-वेषाढ्य हे वायक-वर-प्रद
अर्थ

हे भगवान कृष्ण, मुझ पर कृपा कीजिए। जब एक भक्त...

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पद
3