Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

शचीर आङ्गिनाय नाचे

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शचीर आङ्गिनाय नाचे विश्वम्भर राय हासि हासि फिरि फिरि मायेरे लुकाय्
अर्थ

शची माता के आँगन में बालक विश्वम्भर राय खेलते हैं। मुस्कुराते और खिलखिलाते हुए वे एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं और अपनी माता से छिपते फिरते हैं।

वयने वसन दिया बले लुकाइनु शची बले विश्वम्भर आमि ना देखिनु
अर्थ

अपने वस्त्र से स्वयं को ढककर वे कहते हैं, “मैं छिप गया!” शची माता विश्वम्भर से कहती हैं, “मुझे तो तुम दिखाई नहीं दे रहे!”

मायेर अञ्चल धरि चञ्चल चरणे नाचिया नाचिया याय खञ्जन-गमने
अर्थ

अपनी माता की साड़ी का आँचल पकड़े हुए वे डगमगाते पैरों से नाचते फिरते हैं, खंजन पक्षी की चंचल चाल की तरह।

वासुदेव-घोष कहे अपरुप शोभा शिशु-रूप देखि हय जग-मन-लोभा
अर्थ

वासुदेव घोष कहते हैं, “कैसी अनोखी शोभा है! निमाई का शिशु-रूप देखकर सारा जगत् मोहित हो जाता है।”

इस भजन के बारे में

राग
बेलोयार राग, दशकोशी
पद
4

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।