Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आरे मोर आरे मोर गोरा द्विज मणि

आरे मोर आरे मोर गोरा द्विज-मणि राधा राधा बलि कान्दे लोटाय धरणी
अर्थ

अरे, मेरे गौर, मेरे गौर, द्विजों के राजा! “राधा! राधा!” पुकारते हुए वे रोए। वे धरती पर लोटे।

राधा-नाम जपे गोरा परम यतने कत सुरधुनी बहे अरुण नयने
अर्थ

भगवान गौर ने बड़ी लगन से राधा का नाम जपा। उनकी लाल आँखों से आँसुओं की कितनी स्वर्गीय गंगाएँ बह चलीं?

क्षणे क्षणे गोरा अङ्ग भूमे गड़ि याय राधा नाम बलि क्षणे क्षणे मुरछाय
पुलके पूरल तनु गदगद बोल बासु कहे गोरा केन एत उतरोल
अर्थ

उनके शरीर के रोम खड़े हो गए। वे रुँधे हुए स्वर में बोले। वासुदेव घोष पूछते हैं: भगवान गौर इतने व्याकुल क्यों हैं?

इस भजन के बारे में

राग
जयजयन्ती राग
पद
4