नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
अबतर कैल बद बद
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अक्षर
100%
गाते समय
अबतार कैल बड़ बड़
एमन करुणा कोन युगे नाहि आर
प्रति घरे घरे शुनि प्रेमेर कान्दन
कलि-युगे हरि-नाम रहिल घोषणा
सुख सायरेर घाटे दिया प्रेमेर भार
भाल हाट पातियाछ प्रेमेर पसार
जग-इ मध-इ तर छिल दु-इ भ-इ
हरि-नम उद्धरिल चैतन्य गोसञि
बासुदेब घोष कहे ना हबे एमन
कलि-युगे धन्य नाम चैतन्य-रतन
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- वासुदेव घोष · जीवनी पढ़ें
- राग
- बराड़ी राग
- पद
- 5