- पद 1भजनजय जय श्रि-कृष्ण-चैतन्य नाम
कलि-मद-मथन नित्यानन्द धाम
“हरे कृष्ण” के परिणाम
558 भजन · 980 पद भजन के शब्दों में · 802 पद अर्थ में
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1 पद भजन में
1 पद भजन में
- पद 7भजनकान्दे कृष्ण-दास केश छिण्डि निज करे
धिक् धिक् अभागिया केन नाहि मारे
1 पद भजन में
- पद 5भजननास्तिके करिल भक्त खण्जे कैला गति-शक्त
अन्धेर करिला चक्षु-दान
कहे दीन कृष्ण-दास नहिले इथे बिश्वास
तोर आर नाहि परित्राण
1 पद भजन में
- पद 6भजनकि मोर करम फेरे न हेरिनु से तरु रे
न चिनिनु से माली दयाल
कृष्ण दास दुराशय दन्ते तृण करि कय
धिक् धिक् ए पोडा कपाल
1 पद भजन में
- पद 4भजनलीला रस सङ्कीर्तन बिकसित पद्म-बन
जगत भरिल यार बासे
फुटिल कुसुम-बन मातिल भ्रमर-गण
पा-इया बञ्चित कृष्ण दासे
1 पद भजन में
- पद 5भजनकृष्ण-दास बले भा-इ बल हरि हरि
निता-इ चैतन्येर घाटे नाहि लागे कडि
1 पद भजन में
- पद 4भजनधारत गा-ओत, भकत-बृन्द कमला-सेबित पाद-द्वन्द्व
ठमके चलत मन्द मन्द, या-उ बलिहारि
कहत दीन कृष्ण दास गौर-चरणे करत आश
पतित-पाबन निता-इ चान्द, प्रेम-दान-कारी
1 पद भजन में
- पद 5भजनउपहार-गण कराञा भोजन
ताम्बूल चन्दन शेषे
फुल-हार दिया आरति करिया
प्रणमिल कृष्ण-दासे
1 पद भजन में
- पद 5भजनगोराचन्देर लीलाय यार ह-इल बिश्वास
दुःखी कृष्ण-दास तार दास अनुदास
1 पद भजन में
- पद 1भजनजय जय श्री-कृष्ण-चैतन्य दया-सिन्धु
पतित उद्धार हेतु जय दीन-बन्धु
1 पद भजन में
- पद 1भजनजय जय श्री-कृष्ण-चैतन्य नाम-सार
अपरूप कलप बिरिख अबतार
1 पद भजन में
- पद 1भजनश्री कृष्ण चैतन्य जय पतित-पाबन
प्रकाशिल कलि-काले नाम-सङ्कीर्तन
1 पद भजन में
- पद 1भजनकृष्ण येइ भजे सेइ हयत’ चतुर
माया येइ भजे सेइ हयत’ ‘फतुर’
1 पद भजन में
- पद 1भजनरमते रमं परितः कृष्णः
सखि-गण-गीत-गणेषु स-तृष्णः
1 पद भजन में
- पद 1भजनदेव हरे भव कारुण्य-शाली
सा तव निशित-कताक्ष-शराहत-हृदया जीवति कृश-तनुर् आली
1 पद भजन में
- पद 1भजनवृन्दायै तुलसी-देव्यै
प्रियायै केशवस्य च
कृष्ण-भक्ति-प्रदे देवि
सत्य वत्यै नमो नमः
1 पद भजन में
- पद 1भजनराधा-कृष्ण कोरो ध्यान, स्वप्ने-ओ ना बोलो आन,
प्रेम विना आन नाहि चाउ
युगल किशोर प्रेम, येनो लक्ष-बाण हेम,
आरति पिरीति रसे ध्याउ
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