नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
स्नान मन्त्र
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अक्षर
100%
गाते समय
गङ्गे च यमुने चैव
गोदावरि सरस्वति
नर्मदे सिन्धु कावेरि
जले 'स्मिन् सन्निधिं कुरु
अर्थ
हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिन्धु और कावेरी, आप सब इस जल में पधारिए।
गोविन्देति सदा स्नानं
गोविन्देति सदा जपम्
गोविन्देति सदा ध्यानं
सदा गोविन्द-कीर्तनम्
अर्थ
स्नान करते समय सदा "गोविन्द" कहें, जप में सदा "गोविन्द" कहें, ध्यान में सदा "गोविन्द" का स्मरण करें और सदा गोविन्द का कीर्तन करें।
इस भजन के बारे में
- ग्रन्थ
- प्रणाम मन्त्र
- भाव
- पद
- 2