Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

श्री राधा कृष्ण पद कमले मन

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श्री-राधा-कृष्ण-पद-कमले मन केमोने लोभिबे चरम शरण
अर्थ

हे मेरे मन, श्री राधा-कृष्ण के चरण-कमलों में तुझे अंतिम शरण कैसे मिलेगी?

चिर-दिन कोरिया ओ चरण आश आछे हे बसिया ए अधम दास
अर्थ

बहुत दिनों से यह दीन दास उन्हीं चरणों की आशा लगाकर बैठा है।

हे राधे हे कृष्णचन्द्र भक्त-प्रण पामारे जुगल-भक्ति कोरो' दान
अर्थ

हे राधे! हे कृष्णचंद्र! हे भक्तों के प्राण! इस पापी को अपनी युगल-भक्ति का दान दीजिए।

भक्ति-हीन बोलि' ना कोरो' उपेखा मूर्ख-जने देहो' ज्ञान-सु-शिखा
अर्थ

'यह तो भक्तिहीन है', ऐसा कहकर मेरी उपेक्षा न कीजिए। इस मूर्ख को सही ज्ञान की शिक्षा दीजिए।

बिषय-पिपासा-प्रपीडित दासे देहो' अधिकार जुगल-बिलासे
अर्थ

विषय-भोग की प्यास से पीड़ित इस दास को अपने युगल-विलास की सेवा का अधिकार दीजिए।

चञ्चल-जीबन- स्रोत प्रबहिया कालेर सागोरे धाय गेलो जे दिबस ना आसिबे आर एबे कृष्ण कि उपाय
अर्थ

इस चंचल जीवन की धारा वेग से बहती हुई काल के सागर में जा मिलती है। जो दिन बीत गए, वे फिर लौटकर नहीं आएँगे। हे कृष्ण, अब क्या उपाय है?

तुमि पतित-जनेर बन्धु जानि हे तोमार नाथ तुमि तो' कोरुण-जल-सिन्धु
अर्थ

आप पतितों के बंधु हैं, यह मैं जानता हूँ, हे मेरे नाथ। आप ही करुणा-जल के सागर हैं।

आमि भाग्य-हीन अति अर्बचीन ना जानि भकति-लेश निज-गुणे नाथ कोरो' आत्मसात घुचैया भब-क्लेश
अर्थ

मैं अभागा हूँ, अत्यंत अज्ञानी हूँ, भक्ति का लेशमात्र भी मुझमें नहीं है। हे नाथ, अपने ही गुण से इस भव-क्लेश को दूर करके मुझे अपना बना लीजिए।

सिद्ध-देह दिया बृन्दाबन-माझे सेबामृत कोरो' दान पियाइया प्रेम मत्त कोरि' मोरे शुनो निज गुण-गान
अर्थ

मुझे सिद्ध-देह देकर वृन्दावन में अपनी सेवा का अमृत दीजिए। मुझे प्रेम पिलाकर मतवाला बना दीजिए, और मेरे मुख से अपने ही गुणों का गान सुनिए।

जुगल-सेबाय श्री-रास-मण्डले निजुक्त कोरो' आमाय ललिता सखीर अजोग्या किङ्कोरी बिनोद धोरिछे पाय
अर्थ

श्रीरास-मंडल में युगल की सेवा में मुझे नियुक्त कीजिए। ललिता सखी की यह अयोग्य किंकरी, भक्तिविनोद, आपके चरण पकड़े हुए है।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।