Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

श्री रूप मञ्जरी पद, सेइ मोर सम्पद

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श्री-रूप-मञ्जरी-पद, सेइ मोर सम्पद, सेइ मोर् भजन-पूजन सेइ मोर प्राण-धन, सेइ मोर आभरण, सेइ मोर् जीवनेर जीवन
अर्थ

श्री रूप-मंजरी के चरण ही मेरा वास्तविक धन हैं। वे ही मेरी भजन-पूजा हैं, वे ही मेरे प्राण-धन हैं, वे ही मेरे आभूषण हैं, और वे ही मेरे जीवन के जीवन हैं।

सेइ मोर रस-निधि, सेइ मोर वाञ्छा-सिद्धि, सेइ मोर् वेदेर धरम सेइ ब्रत, सेइ तप, सेइ मोर मन्त्र-जप, सेइ मोर् धरम-करम
अर्थ

वे ही मेरे लिए रस की निधि हैं, वे ही मेरी सभी इच्छाओं की सिद्धि हैं। वे ही मेरे लिए वेदों के धर्म का सार हैं। वे ही मेरे व्रत हैं, वे ही मेरी तपस्या हैं, वे ही मेरे मंत्र-जाप हैं, और वे ही मेरे सभी धर्म-कर्म का लक्ष्य हैं।

अनुकूल हबे विधि, से-पदे होइबे सिद्धि, निरखिबो ए दुइ नयने से रूप-माधुरी-राशि, प्राण-कुवलय-शशि, प्रफुल्लित हबे निशि-दिने
अर्थ

उन चरणों की शक्ति से मेरे सभी कार्य भक्ति के अनुकूल होंगे, और मुझे सिद्धि मिलेगी। इन्हीं दो आँखों से मैं उन्हें साक्षात् देख सकूँगा। श्री रूप-मंजरी के रूप-माधुर्य का वह भण्डार मेरे हृदय-कमल के लिए चन्द्रमा बनकर रात-दिन उसे खिलाता रहेगा।

तुवा अदर्शन-अहि, गरले जारलो देही, चिरो-दिन तापित जीवन हा हा रूप कोरो दोया, देहो मोरे पद-छाया, नरोत्तम लोइलो शरण
अर्थ

तुम्हारे विरह का सर्प अपने विष से मेरे शरीर को गला रहा है, और मेरा जीवन निरंतर संताप में जल रहा है। हा हा रूप मंजरी, कृपा करो, मुझे अपने चरणों की छाया दो। नरोत्तम दास ने तुम्हारी शरण ली है।

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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।