Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आमार समान हीन नाहि ए सोंसारे

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आमार समान हीन नाहि ए सोंसारे अस्थिर ह'येछि पोडि' भब पाराबारे
अर्थ

इस संसार में मेरे समान कोई पतित नहीं है। जन्म मृत्यु के सागर में गिरकर मैं अत्यंत व्याकुल हो गया हूँ।

कुलदेबी जोगमाया मोरे कृपा कोरि' आबरण सम्बरिबे कबे बिश्वोदरी
अर्थ

हे कुलदेवी योगमाया, हे विश्व की माता! तुम कृपा करके कब मुझ पर से यह आवरण हटाओगी?

शुनेछि आगमे बेदे महिमा तोमार श्री-कृष्ण-बिमुखे बान्धि कराओ सोंसार
अर्थ

मैंने आगमों और वेदों में तुम्हारी महिमा सुनी है, जो श्री कृष्ण से विमुख होते हैं, उन्हें तुम बाँधकर इस संसार में डाल देती हो।

श्री-कृष्ण-साम्मुख्य जा'र भाग्य-क्रमे होय ता'रे मुक्ति दिया कोरो' अशोक अभोय
अर्थ

और जो भाग्यवश श्री कृष्ण की ओर उन्मुख हो जाता है, उसे तुम मुक्ति देकर शोक और भय से रहित कर देती हो।

ए दासे जननि कोरि' अकैतब दोया बृन्दाबने देह' स्थान तुमि जोगमाया
अर्थ

हे माता योगमाया! इस दास पर निष्कपट दया करो, और मुझे वृन्दावन में स्थान दो।

तोमाके लङ्घिया कोथा जीबे कृष्ण पाय कृष्ण-रस प्रकटिलो तोमार कृपाय
अर्थ

तुम्हें लाँघकर जीव कृष्ण को कहाँ पा सकता है? यह तुम्हारी ही कृपा से है कि कृष्ण रस प्रकट होता है।

तुमि कृष्ण-सहचरी जगत-जननी तुमि देखाइले मोरे कृष्ण-चिन्तामणि
अर्थ

तुम कृष्ण की सहचरी हो, तुम जगत की माता हो। तुमने ही मुझे कृष्ण रूपी चिंतामणि रत्न का दर्शन कराया।

निष्कपट हो'ये माता चाओ मोर पाने बैष्णब बिश्वास बृद्धि ह'क प्रति-खणे
अर्थ

हे माता! निष्कपट होकर मेरी ओर कृपादृष्टि करो, और वैष्णवों के प्रति मेरी श्रद्धा क्षण प्रति क्षण बढ़ती रहे।

बैष्णब-चरण बिना भब-पराबार भकतिबिनोद नारे होइबारे पार
अर्थ

वैष्णवों के चरणों की शरण के बिना भक्तिविनोद इस भव सागर के पार होने में असमर्थ है।