Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

आमि जमुना पुलिने

Read in English

सुनें

8 रिकॉर्डिंग
दिखाएँ
टेक्स्ट
(आमि) जमुना-पुलिने, कदम्ब-कानने, कि हेरिनु सखी! आज (आमार्) श्याम बंशी-धरि, मणि-मञ्चोपरि, लीला कोरे' रस-राज
अर्थ

अरी सखी! आज मैंने क्या देखा! यमुना के तट पर, कदम्ब के वन में, वंशी धारण किए श्यामसुन्दर मणियों के सिंहासन पर बैठे हैं और रस-राज के रूप में लीला कर रहे हैं!

(तार) अष्ट-दलोपरि, श्री-राधा श्री-हरि, अष्ट-सखी परिजन
अर्थ

मणि-मंच की आठ पंखुड़ियों पर श्रीराधा और श्रीहरि विराजमान हैं, और आठ प्रमुख सखियाँ उनके परिजनों के रूप में उन्हें घेरे हुए हैं।

(तार) सुगीत नर्तने, सब सखी-गणे, तुषिछे जुगल-धने (तखन्) कृष्ण-लीला हेरि', प्रकृति-सुन्दरी, बिस्तारिछे शोभा वने
अर्थ

मधुर गीत गाकर और सुन्दर नृत्य करके सभी सखियाँ उस प्रिय युगल को प्रसन्न कर रही हैं। तब कृष्ण की लीला देखकर सुन्दर प्रकृति सारे वन में अपनी शोभा फैला रही है।

(आमि) घरे ना जाइबो, वने प्रवेशिबो, ओ लीला-रसेर् तरे (आमि) त्यजि' कुल-लाज, भज ब्रज-राज, विनोद मिनति कोरे'
अर्थ

इस लीला-रस के लिए मैं घर नहीं जाऊँगी, वन में ही प्रवेश करूँगी। कुल की लज्जा को त्यागकर, तुम भी व्रज के राजा की भक्ति करो: यही भक्तिविनोद की विनीत प्रार्थना है।

यह भजन यहाँ भी है

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।