Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

चिन्तामणि मोय राधा कुण्ड तट

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चिन्तामणि-मोय राधा-कुण्ड-तट ताहे कुञ्ज शत शत प्रबल बिद्रुम- मोय तरु लता मुक्ता-फले अबनत
अर्थ

चिन्तामणि से बने राधा-कुण्ड के तट पर सैकड़ों-सैकड़ों कुञ्ज हैं, जहाँ मूँगे के वृक्ष और लताएँ मोतियों के भार से झुकी हुई हैं।

स्वानन्द सुखद कुञ्ज मनोहर ताहाते कुटिर शोभे बासिया तथाय गाबो कृष्ण-नाम कबे कृष्ण-दास्य लोभे
अर्थ

उस सुन्दर स्वानन्द-सुखद-कुञ्ज की एक सुन्दर कुटिया में बैठकर मैं श्रीकृष्ण के पवित्र नामों का कीर्तन करूँगी। मैं सदा श्रीकृष्ण की सेवा की लालसा रखूँगी।

एमोन समोय मुरलीर गान पसिबे ए दासी-काने आनन्दे मातिबो सकल भुलिबो श्री-कृष्ण-बंशीर गाने
अर्थ

फिर श्रीकृष्ण की मुरली का स्वर इस दासी के कानों में प्रवेश करेगा। उस बाँसुरी की धुन सुनकर मैं सब कुछ भूल जाऊँगी और आनन्द में उन्मत्त हो जाऊँगी।

राधे राधे बोलि' मुरली डकिबे मदीया ईश्वरी नाम शुनिया चमकि' उठिबे ए दासी केमोन कोरिबे प्राण
अर्थ

"राधे! राधे!" पुकारते हुए मुरली मेरी स्वामिनी का नाम लेगी। अपनी स्वामिनी का नाम सुनकर यह दासी चौंककर उठ बैठेगी। तब उसके प्राणों का क्या होगा?