Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

धन जन देह गेह कृष्णे समर्पण

धन जन देह गेह कृष्णे समर्पण कोरियाछो शुद्ध-चित्ते कोरोहो स्मरण
अर्थ

“तुम अपना धन, अपने अनुयायी, अपने शरीर और अपना घर पहले ही भगवान कृष्ण के चरणों में अर्पित कर चुकी हो। कृपया अपने शुद्ध हृदयों में इसे याद रखो।

तबे केनो मम सुत बोलि' कोरो दुःख कृष्ण निलो निज-जन ताहे तार सुख
अर्थ

“तुम ‘हे मेरे पुत्र!’ कहकर विलाप क्यों करती हो? भगवान कृष्ण ने प्रसन्न होकर अपने भक्त को वापस ले लिया है।

कृष्ण-इच्छा-मते सब घटय घटना ताहे सुख-दुःख-ज्ञान अबिद्या-कल्पना
अर्थ

जो कुछ भी होता है, वह सब भगवान कृष्ण की इच्छा से होता है। इस बात का अज्ञान ही यह धारणा बनाता है कि कुछ परिस्थितियाँ सुखद हैं और कुछ दुःखद।

जाहा इच्छा कोरे कृष्ण ताइ जानो भाल त्यजिया आपन इच्छा घुचाओ जञ्जाल
अर्थ

कृपया जान लो कि भगवान कृष्ण जो कुछ भी चाहते हैं, वही अच्छा है। अपनी इच्छाओं को छोड़कर इस सारे शोक का अन्त कर दो।

देय कृष्ण नेय कृष्ण पाले कृष्ण सबे राखे कृष्ण मारे कृष्ण इच्छा कोरे जबे
अर्थ

कृष्ण देते हैं। कृष्ण ले लेते हैं। कृष्ण सबकी रक्षा करते हैं। कृष्ण बचाते हैं। कृष्ण मारते हैं। कृष्ण जो चाहते हैं, वही करते हैं।

कृष्ण-इच्छा बिपरीत जे कोरे बासना तार इच्छा नाहि फले से पाय जातना
अर्थ

जिस स्त्री की इच्छा कृष्ण की इच्छा के विरुद्ध जाती है, वह पाती है कि उसकी इच्छा पूरी नहीं होती। उसे केवल दुःख ही मिलता है।

त्यजिया सकल शोक शुनो कृष्ण-नाम परम आनन्द पबे पूर्ण हबे काम
अर्थ

बाकी सब कुछ छोड़कर बस भगवान कृष्ण का पवित्र नाम सुनो। तब तुम आनन्द से भर जाओगी और तुम्हारी सारी इच्छाएँ पूरी होंगी।

भकतिबिनोद मागे श्रीबास-चरणे आत्म-निबेदन-शक्ति जीबने मरणे
अर्थ

श्रीवास के चरणों में भक्तिविनोद जीवन में और मृत्यु में भगवान कृष्ण के प्रति आत्म-समर्पण करने की शक्ति माँगते हैं।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
गीतमाला
पद
8