Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

गौराङ्ग के जाने महिमा तोमार

टेक
गौराङ्ग के जाने महिमा तोमार कलि-युग उद्धारिते पतित-पाबन अबातर
अर्थ

हे भगवान गौरांग, आपकी महिमा को कौन जानता है? हे पतितपावन, आप कलियुग के लोगों का उद्धार करने के लिए इस संसार में अवतरित हुए हैं।

श्याम-महोदधि केमने बिधाता मथिया से कर-ताल कत सुधा-रस ताहे निरम्निया उपजिल गौराङ्ग रसाल
अर्थ

आपने केवल करताल बजाकर भगवान कृष्ण के प्रेम के उस महासागर का मन्थन कैसे कर दिया? हे गौरांग, उस सागर से आपने अमृत की कितनी बाढ़ भरी धाराएँ बहा दीं?

त्रि-भुबने प्रेम बादर ह-इल गौर-प्रेम-बरिषणे दीन हीन जन ओ रस मगन नरहरि गुण गाने
अर्थ

आपने दिव्य प्रेम के आनन्द की ऐसी वर्षा ला दी कि तीनों लोक उसकी बाढ़ में भर गए। दीन-हीन पतित जीव अब उस प्रेम की बाढ़ में मग्न हैं। इस प्रकार नरहरि भगवान गौरांग के गुण गाते हैं।

इस भजन के बारे में

रचयिता
नरहरि दास
पद
3