Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

अधिबास निशि पोहा इले

अधिबास निशि पोहा-इले बिबाहेर कार्य यत करये सकले
अर्थ

इस तरह अधिवास की रात धीरे-धीरे बीत गई। अब सब लोग विवाह की व्यवस्था में लगे हैं।

बिप्र-गणे ह-इया बेष्टित निमा-इ करेन क्रिया ये बेद-बिहित
अर्थ

ब्राह्मणों के समूह से घिरे हुए भगवान् निमाई वेद-विहित कर्म करते हैं।

लोक भीड कहिले ना हय लेह देह बाक्य कोलाहल अतिशय
अर्थ

लोगों की बड़ी-बड़ी भीड़ भगवान् निमाई की महिमा के प्रेमभरे शब्द कहती है। बहुत बड़ा कोलाहल हो रहा है।

बाजे नाना बाद्य निरन्तर गायक-गणेते गान करे पूर्बापर
अर्थ

तरह-तरह के वाद्य निरन्तर बजते रहते हैं। गायक आदि से अन्त तक गाते हैं।

भाट-गणे पडे कायबार नारी-गणे दे-इ सु-मधुर यजकार
अर्थ

भाट कवि कविताएँ सुनाते हैं। स्त्रियाँ मधुर उपहार देती हैं।

सबार उल्लास स्त्री-आचारे नरहरि भासे सेना सुखेर सायरे
अर्थ

संस्कारों के समय सब लोग उल्लास में हैं। नरहरि आनन्द में तैर रहा है।

इस भजन के बारे में

रचयिता
नरहरि दास
पद
6