Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

गोरा हेम जलद अबतार

गोरा हेम-जलद-अबतार सघने बरिखे जल-धार
अर्थ

भगवान गौर आँसुओं की मूसलाधार वर्षा करते हुए सोने के बादल जैसे हैं।

निज गुणे करिया बादर गभीर नादे दिग टलमल
अर्थ

उनके गुण वर्षा-ऋतु की झड़ी हैं। उनकी वाणी की गर्जना से दिशाएँ काँप उठती हैं।

करुणा-बिजुरी दिन राति बरिखये आरति-पिरीति
अर्थ

उनकी कृपा की बिजली दिन-रात चमकती है। दिन-रात वे दिव्य प्रेम की वर्षा करते हैं।

सुख-पङ्क करि क्षिति-तले प्रेम फला-इल नाना फले
अर्थ

वे पृथ्वी की सतह को आनन्द के कीचड़ से भर देते हैं। उस कीचड़ से ऐसे वृक्ष उगते हैं जिन पर दिव्य प्रेम के अनेक प्रकार के फल लगते हैं।

एक फले नब रस झरे आरति के कहिते पारे
अर्थ

हर फल नए-नए अमृत से मधुर है। जो प्रेम वे फल धारण करते हैं, उसका वर्णन करने की शक्ति किसमें है?

नाम गुण कर्म चिन्तामणि कहे बासु अदभुत बानी
अर्थ

उनके नाम, गुण और कर्म सब चिन्तामणि रत्न हैं। आश्चर्य से भरी वाणी में वासु ये शब्द कहते हैं।

इस भजन के बारे में

राग
सुहाई राग या गान्धार राग
पद
6

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