Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
कबे आहा गौराङ्ग बोलिया भोजन-शयने देहेर जतन छारिबो बिरक्त हया
अर्थ

'गौरांग!' कहकर पुकारते हुए, कब मैं भोजन और शयन की देह-चिंता से विरक्त होकर उसे त्याग दूँगा?

नबद्वीप-धामे नगरे नगरे अभिमान परिहरि' धाम-बासी-घरे माधुकोरी लोबो' खाइबो उदर भरि'
अर्थ

अभिमान त्यागकर कब मैं नवद्वीप-धाम में गाँव-गाँव घूमूँगा? धामवासियों के घर से माधुकरी भिक्षा लेकर कब पेट भर खाऊँगा?

नदी-तटे गिया अञ्जलि अञ्जलि पिबो प्रभु-पद-जल तरु-तले पोडि' आलस्य त्यजिबो पाइबो शरीर बल
अर्थ

नदी के तट पर जाकर अंजलि भर-भर कब प्रभु के चरणों का जल पीऊँगा? किसी वृक्ष के नीचे लेटकर कब आलस्य त्यागकर शरीर में बल पाऊँगा?

काकुति कोरिया गौर-गदाधर श्री-राधा-माधब नाम कान्दिया कान्दिया डाकि उच्च रबे भ्रमिबो सकल धाम
अर्थ

रुँधे गले से 'गौर-गदाधर!' और 'श्री राधा-माधव!' के नाम पुकारते हुए, रोते-रोते ऊँचे स्वर में कब मैं समस्त धाम में विचरण करूँगा?

बैष्णब देखिया पोडिबो चरणे हृदयेर बन्धु जानि' बैष्णब ठाकुर प्रभुर कीर्तन देखाइबे दास मानि'
अर्थ

किसी वैष्णव को देखकर, उन्हें हृदय का सच्चा बंधु जानकर, मैं उनके चरणों में गिर पड़ूँगा। तब वह वैष्णव ठाकुर मुझे अपना दास मानकर प्रभु का कीर्तन सिखाएँगे।