Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

किना से सुखेर सरोबरे

किना से सुखेर सरोबरे प्रेमेर तरङ्ग उठलिया पदे धरे
अर्थ

क्या यह आध्यात्मिक आनन्द का सरोवर नहीं है, ऐसा सरोवर जिसमें भावमय प्रेम की तरंगें उठती और गिरती हैं?

नाचत पहुं बिश्वम्भरे प्रेम-भरे पद-धरे धरणी ना धरे
अर्थ

भगवान विश्वम्भर नाचते हैं। प्रेम के आवेग में उनके चरणों के स्पर्श से पृथ्वी शान्त नहीं रह पाती।

बयान कनया-चान्द छान्दे कत सुधा बरिषये थिर नाहि बान्धे
अर्थ

भगवान विश्वम्भर सुनहरे चन्द्रमा के समान हैं। वे अमृत की कितनी धाराएँ बरसाते हैं? वे शान्त नहीं रह पाते।

राज-हंस प्रिय सहचर केह भेल मधुकर केह ब चकोर
अर्थ

उनके कुछ प्रिय साथी हंस हैं। कुछ भौंरे हैं। कुछ चकोर पक्षी हैं।

नब नब नटन लहरी प्रेम लछिमा नाचे नदीया-नागरी
अर्थ

भावमय दिव्य प्रेम से विभोर होकर नदिया के लोग नाचते हैं। नृत्य की नई से नई लहरें एक के बाद एक उठती चली जाती हैं।

नब नब भकति-रतने अयन्तने पा-इल सब दीन-हीन-जने
अर्थ

अब तो दीन-हीन और पतित लोग भी भक्ति के नए-नए रत्न सहज ही बटोर लेते हैं।

नयनानन्द कहे सुख सारे से-इ बृन्दाबन भेल नदीया-नागरे
अर्थ

नयनानन्द कहते हैं, परम आनन्दमय आध्यात्मिक धाम वृन्दावन अब नदिया के नगरों में विद्यमान है।

इस भजन के बारे में

पद
7