आ ओत पिरीति मूरति मय सागर
आ-ओत पिरीति मूरति-मय सागर
नयनानन्द दास इस संग्रह के 7 भजनों के रचयिता हैं, जो इन ग्रन्थों से लिए गए हैं: गौड़ीय वैष्णव आचार्यों के भजन।
7 भजन
आ-ओत पिरीति मूरति-मय सागर
कलि-घोर-तिमिरे गरासल जग-जन
किना से सुखेर सरोबरे
गोरा मोर गुणेर सागर
गोलोक छाडिय प्रभु केन बा अबनी
जय रे जय रे गोरा श्री-शची-नन्दन
मुख-खानि पुर्णिमार शशी किबा मन्त्र जपे