Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

मन तुमि भालबास कामेर तरङ्ग

मन तुमि भालबास कामेर तरङ्ग जोड-काम परिहोरि' शुद्ध-काम-सेबा कोरि' बिस्तरहो अप्राकृत रङ्ग
अर्थ

हे मन! तू क्यों काम की लहरों से प्रेम करता है? भौतिक काम को त्यागकर शुद्ध कामना की सेवा कर, और अप्राकृत आनन्द को फैला।

अनित्य जडिया काम शान्ति-हीन अबिश्राम नाहि तहे पिपासार भङ्ग कामेर सामग्री चाओ तबु ताहा नाहि पाओ पाइलेओ छारे तब सङ्ग
अर्थ

यह अनित्य भौतिक काम तुझे कभी शांति नहीं देगा, कभी विश्राम नहीं देगा। इससे तेरी प्यास कभी नहीं बुझती। तू काम की वस्तुएँ चाहता है, फिर भी उन्हें नहीं पाता। और यदि पा भी ले, तो वे तेरा साथ छोड़कर चली जाती हैं।

तुमि सेबा कोरो' जारे से तोमा' भजिते नारे दुःख ज्वाले बिनोदेर अङ्ग छारो तबे मिछ-काम हओ तुमि सत्य-कम भजो बृन्दाबनेर अनङ्ग जाँहार कुसुम-शरे तब नित्य-कलेबरे ब्यप्त ह'बे प्रेम अन्तरङ्ग
अर्थ

तू जिसकी सेवा करता है, वह तेरा भजन नहीं कर सकता। उससे तो भक्तिविनोद के अंग दुःख की आग में जलते हैं। इसलिए इस झूठी कामना को छोड़ दे, और सच्ची कामना वाला बन। वृन्दावन के अनंग (कामदेव) का भजन कर। उनके फूलों के बाणों से तेरी नित्य देह में अंतरंग प्रेम भर जाएगा।

इस भजन के बारे में

पद
3