Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

नायिकार शिरोमणि ब्रजे राधा ठाकुराणी

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नायिकार शिरोमणि ब्रजे राधा ठाकुराणी पञ्च-बिध सखी-गण ता'र सखी नित्य-सखी आर प्राण-सखी अतः पर प्रिया-सखी एइ होइलो चार
अर्थ

व्रज में राधा ठाकुरानी सब नायिकाओं की शिरोमणि हैं। उनकी पाँच प्रकार की सखियों में से पहली चार ये हैं: 1. सखी, 2. नित्य-सखी, 3. प्राण-सखी, 4. प्रिय-सखी।

पञ्चम परम-प्रेष्ठ सखी-गण मध्ये श्रेष्ठ बोलि सब शुनो बिबरण कुसुमिका बिन्ध्याबती धनिष्ठादि ब्रज-सती सखी-गण मध्येते गणन
अर्थ

पाँचवें प्रकार की सखियाँ परम-प्रेष्ठ-सखी हैं, जो सब सखियों में श्रेष्ठ हैं। सुनिए, मैं इन सबका वर्णन करता हूँ। कुसुमिका, विन्ध्यावती, धनिष्ठा आदि अनेक सखियाँ 'सखी' श्रेणी में गिनी जाती हैं। ये सभी व्रज की साध्वी कन्याएँ हैं।

श्री-रूप रति कस्तुरी श्री-गुण मणि-मञ्जरी प्रभृति राधिका-नित्य-सखी प्राण-सखी बहु तार बसन्ति नायिका आर प्रधान ताहारशशिमुखी
अर्थ

राधा की नित्य-सखियों में श्री रूप, रति, कस्तूरी, श्री गुण और मणि-मञ्जरी सम्मिलित हैं। राधा की प्राण-सखियाँ अनेक हैं, जिनमें वसन्ती और नायिका हैं, और इनमें सबसे प्रमुख शशिमुखी हैं।

कुरङ्गाक्षी मञ्जुकेशी सुमध्या मदनालसी कमला माधुरी कामलता कन्दर्पसुन्दरी आर माधबी मालती आर शशिकला राधा-सेबा-रत
अर्थ

प्रिय-सखियों में कुरंगाक्षी, मञ्जुकेशी, सुमध्या, मदनालसी, कमला, माधुरी, कामलता, कन्दर्पसुन्दरी, माधवी, मालती और शशिकला सम्मिलित हैं। ये सभी श्री राधा की सेवा में समर्पित हैं।

ललिता बिशाखा चित्रा तुङ्गबिद्या चम्पलता इन्दुलेखा रङ्ग-देबी सती सुदेबीति अष्ट-जन परम-प्रेष्ठ सखी-गण राधा-कृष्णे सेबे एक मति
अर्थ

ललिता, विशाखा, चित्रा, तुंगविद्या, चम्पलता, इन्दुलेखा, रंगदेवी और सुदेवी, ये आठ परम-प्रेष्ठ सखियाँ हैं। ये सब एक चित्त से श्री श्री राधा-कृष्ण की सेवा करती हैं।