Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

निर्जन कुटीरे श्री राधा चरण

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टेक्स्ट
निर्जन कुटीरे श्री राधा चरण स्मरणे थाकिबो रत श्री रूप मञ्जरी धिरे धिरे आसि' कोहिबे आमाय कोत
अर्थ

श्रीराधा के चरणों का ध्यान करते हुए मैं एक निर्जन कुटिया में रहूँगी। तब श्री रूप-मंजरी धीरे-धीरे आकर मुझसे कुछ कहेंगी।

बोलिबे ओ सखी कि कोरो बसिया देखोहो बाहिरे आसि' जुगल मिलन शोभा निरुपम होइबे चरण दासी
अर्थ

वे कहेंगी, "हे सखी, तुम यहाँ बैठी क्यों हो? बाहर देखो, वह अनुपम सुन्दर दिव्य युगल आ चुका है। अब तुम उनके चरणों की दासी बनोगी।"

स्वारसिकी सिद्धि ब्रज-गोपी-धन परम-चञ्चला सती जोगीर धेयान निर्बिशेष ज्ञान ना पाय एखने स्थिति
अर्थ

यहाँ महान् धन है, यहाँ रस की पूर्णता है, यहाँ व्रज की चंचल और तेजस्वी गोपियाँ हैं। योगियों का ध्यान और निर्विशेषवादियों का ज्ञान तुम्हें कभी यहाँ तक नहीं ला सकता।

साखात दर्शन मध्याह्न-लीलाय राधा-पद-सेबार्थिनी जखन जे सेबा कोरोहो जतने श्री-राधा-चरणे धनि
अर्थ

हे राधा-चरणों की सेवा की अभिलाषी, अब तुम श्रीराधा की मध्याह्न-लीला का साक्षात् दर्शन कर सकती हो। हे सौभाग्यशालिनी सुन्दरी, श्रीराधा के चरणों की सावधानीपूर्वक सेवा करो।"