Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
पित-बरण कलि-पाबन गोरा गाओयाइ ऐछन भाब-बिभोर
अर्थ

कलियुग को पावन करने वाले, गौरवर्ण गौरांग प्रेमविभोर होकर यों गाते हैं:

चित्त-दर्पण-परिमार्जन-कारी कृष्ण-कीर्तन जय चित्त-बिहारी
अर्थ

'चित्त के दर्पण को स्वच्छ करने वाले श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो!'

हेला-भाब-दाब-निर्बापन-बृत्ति कृष्ण-कीर्तन जय क्लेश-निबृत्ति
अर्थ

'संसार के दावानल को बुझाने वाले और सारे क्लेश मिटाने वाले श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो!'

श्रेयः-कुमुद-बिधु-ज्योत्स्ना-प्रकाश कृष्ण-कीर्तन जय भक्ति-बिलास
अर्थ

'सौभाग्य के कुमुद को खिलाने वाली चन्द्रिका के समान श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो, जो भक्ति के विलास को भी लाता है!'

बिशुद्ध-बिद्या-बधू-जीबन-रूप कृष्ण-कीर्तन जय सिद्ध-स्वरूप
अर्थ

'शुद्ध ज्ञान की वधू का जीवन-स्वरूप, सिद्ध-स्वरूप श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो!'

आनन्द-पयो-निधि-बर्धन-कीर्ति कृष्ण-कीर्तन जय प्लाबन-मूर्ति
अर्थ

'आनन्द-सागर को बढ़ाने वाले, बाढ़ की तरह उमड़ने वाले श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो!'

पदे पदे पीयूष-स्वाद-प्रदाता कृष्ण-कीर्तन जय प्रेम-बिधाता
अर्थ

'पग-पग पर अमृत का स्वाद देने वाले, प्रेम को प्रदान करने वाले श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो!'

भक्तिबिनोद-स्वात्म-स्नापन-बिधान कृष्ण-कीर्तन जय प्रेम-निदान
अर्थ

'भक्तिविनोद की अपनी आत्मा को स्नान कराने वाले, प्रेम के आधार श्रीकृष्ण-कीर्तन की जय हो!'